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अब CBSE करेगा एग्जाम सेंटरों पर मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल

 Special News Coverage |  2016-03-19 11:30:12.0

अब CBSE करेगा एग्जाम सेंटरों पर मेटल डिटेक्टर का इस्तेमाल

प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बड़े पैमाने पर नकल को रोकने के लिए सीबीएसई ने एग्जाम सेंटरों पर मेटल डिटेक्टर के इस्तेमाल का फैसला किया है। वैसे तो हम-सभी आए दिन हर महत्वपूर्ण जगह पर मेटल डिटेक्टर की चेकिंग से होकर गुजरते हैं लेकिन इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सीबीएसई ने भी 8,000 मेटल डिटेक्टर खरीदने का फैसला किया है।

सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट में उल्लेख किया है, 'बोर्ड ने प्रोफेशनल परीक्षा में छात्रों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की मदद से अनुचित आचरण पर रोक लगाने के लिए हाथ में पकरने वाले मेटल डिटेक्टर के इस्तेमाल का फैसला किया है।'


आपको बता दे की सीबीएसई प्रोफेशनल प्रतियोगी परीक्षाओं और पात्रता टेस्ट्स जैसे JEE(Main), AIPMT, UGC-NET, CTET और JNVST आदि का आयोजन करती है।

सीबीएसई द्वारा जारी टेंडर नोटिस के अनुसार इन मेटल डिटेक्टर्स को JEE(Main), AIPMT, UGC-NET, CTET और JNVST की परीक्षा के दौरान इस्तेमाल किया जाएगा. इससे किसी भी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को ट्रेस किया जा सकेगा।

सीबीएसई ने करीब 8,000 डिवाइसेज खरीदने के लिए निविदा जारी की है। इन डिवाइसेज का इस्तेमाल देश भर के कम से कम 52 सेंटरों पर किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से कहा गया है, 'छात्रों की चेकिंग के लिए प्रदान किए जाने वाले बग/मेटल डिटेक्टर निषिद्ध धातुई/इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेज/कॉपर/ऐल्युमिनियम/सिल्वर आदि, वायर/सेल बैटरी/वॉच बैटरी/छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजट/फोटोवॉल्टाइक इक्विपमेंट या इसी प्रकार के पदार्थ को भी डिटेक्ट करेगा।'

पिछले साल यह खबर आई थी कि हरियाणा में एआईपीएमटी के दौरान छात्रों ने अपने कपड़ों के अंदर ब्लूटूथ डिवाइसेज और माइक्रोफोन्स सिलवा रखे थे और इसकी मदद से बड़े पैमाने पर नकल हुई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एआईपीएमटी को रद्द करके दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी।

सीबीएसई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार पहलेपहल इन डिवाइसों को किराए पर लाया जाता था और अब वे इन्हें खरीद रहे हैं। वे देशी तौर पर निर्मित डिवाइसों को तरजीह देंगे।

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