Home > हेल्थ > पीएम मोदी को महिलाओं ने भेजे हज़ार Sanitary Pads, जानिए क्यों

पीएम मोदी को महिलाओं ने भेजे हज़ार Sanitary Pads, जानिए क्यों

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म 'पैडमैन' जल्द ही सिनेमाघरों में आने वाली है.

 शिव कुमार मिश्र |  2018-01-10 07:40:56.0  |  दिल्ली

पीएम मोदी को महिलाओं ने भेजे हज़ार Sanitary Pads, जानिए क्यों

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म 'पैडमैन' जल्द ही सिनेमाघरों में आने वाली है. सेनेटरी नैपकीन के मुद्दे को लेकर बनी इस फिल्म का असर अब औरतों में दिखने लगा है. इसी के चलते महिलाओं ने हज़ार सेनेटरी नैपकीन प्रधानमंत्री को भेजने की तैयारी कर ली है.


खास बात यह कि इन नैपकिन पर मैसेज भी लिखा हुआ है. इसकी वजह है महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दिनों में उपयोग की जाने वाली सेनेटरी नैपकीन को भी जीएसटी के दायरे में लाए जाने से उसकी कीमतें बढ़ गई हैं.

सरकार के इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश के ग्वालियर की महिलाओं ने सेनेटरी नैपकीन को कर मुक्त करने के लिए अभियान चलाया है और फैसला लिया है कि महिलाओं के हस्ताक्षरित एक हजार नैपकीन और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजेंगी.



बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार की फिल्म 'पैडमैन' जल्द ही सिनेमाघरों में आने वाली है. सेनेटरी नैपकीन के मुद्दे को लेकर बनी इस फिल्म का असर अब औरतों में दिखने लगा है. इसी के चलते महिलाओं ने हज़ार सेनेटरी नैपकीन प्रधानमंत्री को भेजने की तैयारी कर ली है. खास बात यह कि इन नैपकिन पर मैसेज भी लिखा हुआ है. इसकी वजह है महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दिनों में उपयोग की जाने वाली सेनेटरी नैपकीन को भी जीएसटी के दायरे में लाए जाने से उसकी कीमतें बढ़ गई हैं.

सरकार के इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश के ग्वालियर की महिलाओं ने सेनेटरी नैपकीन को कर मुक्त करने के लिए अभियान चलाया है और फैसला लिया है कि महिलाओं के हस्ताक्षरित एक हजार नैपकीन और पोस्टकार्ड प्रधानमंत्री को भेजेंगी.

महिलाओं के इस अभियान का समर्थन करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता हरिमोहन भसनेरिया ने कहा कि कई महिलाओं ने महंगा होने के बाद से इन नैपकीन का उपयोग ही बंद कर दिया है. वे फटे-पुराने कपड़े के टुकड़े से काम चला लेती हैं. इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है. जब घर की महिला ही स्वस्थ्य नहीं रहेगी, संक्रमणग्रस्त हो जाएगी, तो परिवार का क्या हाल होगा.
अभियान से जुड़ीं उषा धाकड़ ने कहा, "इस अभियान के जरिए किशोरियों, युवतियों व महिलाओं से नैपकीन पर उनका नाम और संदेश लिखवाया जा रहा है. अभियान का पहला चरण पांच मार्च तक चलेगा. पोस्टकार्ड के साथ हस्ताक्षर युक्त एक हजार पैड प्रधानमंत्री को भेजकर हम मांग करेंगे कि सेनेटरी नैपकीन पर लागू 12 प्रतिशत जीएसटी सहित अन्य करों को खत्म किया जाए."
महिलाओं द्वारा जारी किए गए पोस्टर में इस बात का साफ उल्लेख है कि देश में महिलाओं की बहुत बड़ी आबादी पैड का उपयोग नहीं कर पाती. कई तो ऐसी हैं जो इसके बारे में जानती तक नहीं. ग्रामीण महिलाओं में संक्रमण फैलने में उनकी अज्ञानता भी बड़ा कारण है. सरकार को हर महिला को सेनेटरी नैपकीन नि:शुल्क मुहैया कराना चाहिए, मगर उसे लग्जरी आइटम बनाकर उन्हें स्वच्छ रहने से वंचित किया जा रहा है.
महिला जागृति अभियान में लगे सामाजिक कार्यकर्ता हरिमोहन के मुताबिक, इस अभियान में मध्य प्रदेश के अलावा बिहार, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों की महिलाओं की भी हिस्सेदारी बढ़ रही है. इसमें सबसे ज्यादा सहयोग नवयुवतियों का मिल रहा है.

Tags:    
शिव कुमार मिश्र

शिव कुमार मिश्र

Special Coverage News Contributors help bring you the latest news around you.


Share it
Top