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विश्‍व स्वास्थ्‍य संगठन : दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में, भारत के छह शहर

 Special News Coverage |  2016-05-12 13:24:24.0

World Health Organization : The world's most polluted cities, Six cities in India

नई दिल्ली: विश्‍व स्वास्थ्‍य संगठन (WHO) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में दस सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में छह भारत के शहर हैं। पहले स्थान पर ईरान का शहर जेबोल है। दूसरे स्थान पर मध्य प्रदेश का ग्वालियर है वहीं उत्तर प्रदेश का इलाहाबाद तीसरे स्थान पर है। इस रैंकिग में पांचवे स्थान पर रायपुर, सातवें और आठवें स्थान पर चीन के दो शहर हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी रिपोर्ट में दिल्ली को नवां और पंजाब के लुधियाना को दसवां स्थान दिया गया है।


आंकड़ों के अनुसार, अभी भी दुनिया के सबसे खराब शहरों में से छह भारत में हैं। इनमें ग्वालियर, इलाहाबाद, पटना और रायपुर शामिल हैं। इन आंकड़ों के अनुसार प्रति घनमीटर हवा में पार्टिक्युलेट मैटर (पीएम) की मात्रा 2.5 माइक्रोग्राम के स्तर के नीचे पाई गई है। नई दिल्‍ली को सर्वे में नौवां सबसे खराब शहर आंका गया है।

सर्वे में ईरान के जाबोल शहर को सबसे गंदी हवा वाला माना गया। इस शहर में गर्मी के मौसम में महीनों धूलभरे तूफान आते हैं। सूची में अगले चार शहर भारत के हैं। ग्वालियर को दूसरा, इलाहाबाद को तीसरा, पटना को चौथा और रायपुर को चौथा सबसे गंदी हवा वाला शहर आंका गया है। देश की राजधानी दिल्ली अब दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में नहीं है।

लंबे समय तक अति सूक्ष्‍म पीएम के संपर्क में रहने से फेफड़े के कैसर, हृदयाघात और हृदय से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है। WHO के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष दुनिया में 70 लाख लोगों की अकालमौत होती है, इसमें से करीब तीन लाख मौतें आउटडोर एयर क्वालिटी के कारण होती हैं।

डल्यूएचओ के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में हर साल 30 लाख से ज्यादा लोग अकाल मृत्यु का ग्रास बन जाते हैं। हालांकि इन सबके बीच एक अच्छी खबर यह है कि उच्च आय वाले देशों के पचास प्रतिशत से ज्यादा शहरों तथा निम्न और मध्यम आय वाले देशों के एक तिहाई से ज्यादा शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर पिछले पांच सालों में पांच प्रतिशत घटा है।

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