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पैसे देकर शवों को सेक्स करते देखने का मौका! नहीं देखा होगा आपने कभी ऐसा

 शिव कुमार मिश्र |  2017-09-17 09:13:28.0  |  दिल्ली

पैसे देकर शवों को सेक्स करते देखने का मौका! नहीं देखा होगा आपने कभी ऐसा

जर्मनी के एक विवादित वैज्ञानिक ने एक ऐसी पहल की है, जिसके जरिए आप मरे हुए लोगों को सेक्स करते देख सकते हैं। अगर आप मृत लोगों को ऐसा देखना चाहते हैं तो फ्री में नहीं देख पाएंगे, बल्कि 20 डॉलर का खर्च करना पड़ेगा। अब तक ह्यूमन अनैटमी(शरीर रचना) में झांकने का काम सिर्फ मेडिकल स्टूडेंट्स सा प्रैक्टिशनर्स कर सकते थे लेकिन लॉस ऐंजिलिस के कैलिफॉर्निया साइंस सेंटर में कोई भी अडल्ट 19.95 डॉलर रुपये खर्च कर यह अनुभव प्राप्त कर सकता है।

डेली बीस्ट में छपी खबर के मुताबिक, 'बॉडी वर्ल्ड्स: पल्स' नाम की दुनिया की सबसे बड़ी प्रदर्शनी में शवों को जीवंत पोज में रखा गया है। इस प्रदर्शनी में शरीर के करीब 200 ऑर्गन्स, बगैर चमड़ी वाले पूरे शरीर और पारदर्शी अंग सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें प्लास्टिनेट किया गया है। प्लास्टिनेशन का काम प्लास्टिक इंजेक्शन प्रॉसेस के जरिए किया गया है जो पेटेंटेड है।
जहां-जहां इस प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, मृत शरीर मोटी कमाई का जरिया बन गए हैं। लॉस ऐंजिलिस बिजनस जर्नल के मुताबिक, 'एक्सपोजिशन पार्क म्यूजियम में आयोजित यूएस प्रिमियर ऑफ बॉडी वर्ल्ड को देखने के लिए 10 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।' इतने दर्शकों के साथ यह खास प्रदर्शनी सबसे ज्यादा देखी गई प्रदर्शनी बन गई।

कैलिफॉर्निया साइंस सेंटर फाउंडेशन की चीफ कम्युनिकेशन्स ऑफिसर शेल अमेगा ने द डेली बीस्ट को बताया, मई में शुरू हुई इस प्रदर्शनी में पहुंचने वालों की संख्या करीब उतनी ही है जितनी बीते वर्षों में थी।' हालांकि अमेगा ने यह जानकारी नहीं दी कि कितने टिकट बिके या कितने विजिटर्स पहुंचे। उन्होंने इस जानकारी को निजी बताया। अमेगा ने कहा कि शवों का प्लास्टिनेशन करने वाले संस्थान वॉन हेगन्स के इंस्टीट्यूट के साथ कान्ट्रैक्ट होने की वजह से यह जानकारी गोपनीय है।
72 वर्षीय वॉन हेगन्स पार्किन्सन्स बीमारी से जूझ रहे हैं, जिन्हें साम्यवाद और समाजवाद पर सवाल उठाने को लेकर 1969 में उन्हें अरेस्ट कर लिया गया था। दो साल जेल में काटने के बाद वह जर्मनी चले गए। 1975 में हेगन्स ने मानव शरीर की संरचना के नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए टेक्नॉलजी इजाद की। 1993 में इन्होंने प्लास्टिनेशन के लिए इंस्टिट्यूट की स्थापना की और 1995 में अपने इस काम को कमर्शलाइज करना शुरू किया। उनकी पत्नी प्रदर्शनी डिजाइन करने लगीं, जिनके जरिए वह अपनी इस खोज को कमर्शलाइज करने लगे। इन प्रदर्शनियों की वजह से हेगन को काफी आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा। हेगन्स ने लंदन के थिअटर और टीवी पर लाइव अटॉप्सी की, जिनकी वजह से डॉक्टर डेथ जैसे उपनामों से बुलाया जाने लगा। साभार NBT

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शिव कुमार मिश्र

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