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क्या नेपाल जैसी बर्बादी लाएगा भूकंप, एक झटके से कांप जाते हैं करोड़ों दिल

 Special News Coverage |  2015-11-23 13:07:48.0

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नई दिल्लीः इस साल नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद से अब तक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में धरती हिल चुकी है। रविवार आधी रात एक बार फिर धरती कांपी तो करोड़ों लोगों का दिल कांप उठा. एक बार फिर भूकंप की भयावह तस्वीरें लोगों के जेहन में कौंध गईं। रविवार की रात आए भूकंप से तो किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ लेकिन जिस तरह हिमालय रीजन में लगातार भूकंप आ रहा है उससे हिंदुस्तान और पाकिस्तान के लोग दहशत में हैं।


वैज्ञानिक भी लगातार इस बात का इशारा कर रहे हैं कि नेपाल में आए भीषण भूकंप के बाद लगातार छोटे-बड़े भूकंप हिमालय के क्षेत्र को दहलाते रहेंगे।वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी बड़े भूकंप के बाद इस तरह के भूकंप आते रहते हैं जिन्हें आफ्टर शॉक कहते हैं।

सच हुआ वैज्ञानिकों का अंदेशा
वैज्ञानिकों का ये अंदेशा अगर सच हो गया तो भूकंप किसी भी वक्त फिर से नेपाल जैसी बड़ी तबाही मचा सकता है। नेपाल में इसी साल 25 अप्रैल को आए भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और लाखों लोग बेघर हो गए थे। करीब ढाई लाख इमारतें जमीदोज हो गई थीं। कई गांव तो पूरी तरह भूकंप ने लील लिए थे।

नेपाल में भीषण तबाही लाने वाले भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.1 थी। नेपाल में आए भूकंप की इस तीव्रता को देखते हुए रविवार रात आए करीब 6 रिक्टर तीव्रता वाला भूकंप भी ऐसा ही खौफ पैदा करता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक
- अगर भूकंप की तीव्रता 7 या उससे ऊपर जाती है तो मच सकती है बड़ी तबाही
- हिमालय की गोद में बसे इलाकों को भूकंप से सबसे ज्यादा खतरा है
3- महानगरों की हाईराइज़ बिल्डिंगे भी भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील होती हैं

इन शहरों में ज्यादा होगा असर
वैज्ञानिकों के मुताबिक जिस तरह हिमालय के गर्भ में हलचल मची है उसे देखते हुए सबसे ज्यादा खतरा पहाड़ी इलाकों में हैं। ज्यादा तीव्रता के भूकंप से सबसे ज्यादा का खतरे में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली हैं। बीती रात आया भूकंप कुछ ऐसा ही संकेत दे गया है क्योंकि भूकंप का सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर में ही देखने को मिला है।

पाकिस्तान में है ज्यादा खौफ
भूकंप का जितना खौफ हिंदुस्तान में है उससे कहीं ज्यादा खौफ पाकिस्तान में है। पाकिस्तान के लाहौर और पेशावर के साथ ही खैबर पख्तून इलाका भूकंप के लिहाज़ से सबसे ज्यादा संवेदनशील है। अभी कुछ दिन पहले 26 अक्टूबर को भी पाकिस्तान में जबरदस्त भूकंप आया था। 7.5 तीव्रता के उस भूकंप ने लाहौर, पेशावर समेत पाकिस्तान के कई इलाकों को दहलाया था और 70 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी।

एक बार फिर उड़ी PAK के लोगों की नींद
अक्टूबर में पाकिस्तान में आए इस भूकंप का केंद्र भी अफगानिस्तान के पास हिमालय क्षेत्र में था लेकिन उस वक्त भूकंप जमीन से करीब 200 किलोमीटर नीचे आया था। इसलिए तबाही का मंजर ज्यादा खौफनाक नहीं था। उस वक्त भी पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने इस बात का शुक्र मनाया था और कहा था कि अगर ये भूकंप जमीन से इतना नीचे नहीं आता तो काफ़ी ज़्यादा नुकसान होता. ऐसे में एक बार फिर करीब 6 तीव्रता के भूकंप ने पाकिस्तान के लोगों की नींद उड़ा दी है। लोग इसी खौफ में जी रहे हैं कि न जाने कब हिमालय के नीचे उबल रही धरती कहर बनकर उन पर टूट पड़े।

बता दें कि रविवार देर रात 11 बजकर 49 मिनट पर जम्मू-कश्मीर के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी आधी रात को धरती हिली। जानकारी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 दर्ज की गई। जबकि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदुकुश का अशकशां था।

साभार आज तक

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