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दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी की पड़पोती पर धोखाधड़ी का आरोप

 Special News Coverage |  2015-10-20 14:00:19.0

mahatma gandhi granddaughter


जोहानिसबर्ग : दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी की पड़पोती पर दो कारोबारियों से करीब 8,30,000 डॉलर (5.40 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 45 वर्षीय आशीष लता रामगोबिन डरबन मजिस्ट्रेट के कोर्ट में सोमवार को पेश हुई। उनपर चोरी, धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप हैं।

निजी कारोबार करने वाली रामगोबिन पर आरोप है, कि उन्होंने दो स्थानीय व्यापारियों के साथ करीब 5.40 करोड़ रुपए की धोखाध़ड़ी की। रामगोबिन ने दोनों कारोबारियों के सामने दावा किया था कि उन्होंने एक प्राइवेट हॉस्पिटल ग्रुप नेटकेयर के लिए भारत से बेडिंग (बिस्तर आदि) आयात कराने के लिए एक टेंडर सुरक्षित करा लिया है।


शीर्ष धोखाधड़ी जांच यूनिट 'हॉक्स' के ब्रिगेडियर हंगवानी मुलौदजी ने बताया कि रामगोबिन ने निवेशकों को मनाने के लिए जाली चालान और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए। जिनमें यह बताया कि लाइनन के तीन कंटेनर्स भारत से भेजे जा रहे हैं।

बताया जा रहा है, कि रामगोबिन के आग्रह पर एसआर महाराज नाम के एक व्यापारी ने एक फर्जी कन्साइनमेंट के लिए आयात और कस्टम ड्यूटीस के भुगतान के लिए करीब 6.2 मिलियन रैंड्स (3.05 करोड़ रुपए) उपलब्ध भी करा दिए। साथ ही होने वाले प्रॉफिट्स को शेयर करने का भी आश्वासन दिया। इसी तरह एक दूसरे व्यापारी ने भी 5.2 मिलियन रैंड्स (2.56 करोड़ रुपए) एडवांस में दे दिए।

बता दें कि रामगोबिन, जानी मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता इला गांधी और मेवा रामगोबिन्द की बेटी हैं। NGO इंटरनेशनल सेंटर फॉर नॉन वायलेंस में एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर रामगोबिन ने खुद को पर्यावरण, समाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश किया है। इला गांधी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने कार्यों के लिए कई बार सम्मानित की जा चुकी हैं।

रामगोबिन पर आरोप लगने के बाद गांधी परिवार की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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