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महिला का पेट चीर निकाला अजन्मा बच्चा, मिली 100 साल की जेल

 Special News Coverage |  2016-05-01 11:39:18.0

महिला का पेट चीर निकाला अजन्मा बच्चा, मिली 100 साल की जेल

लॉस एंजिलिस: कोलोराडो में एक 35 साल की महिला को 100 साल जेल की सजा हुई है। उसने एक दूसरी महिला के गर्भ में ही अजन्मे बच्चे को मार दिया था। महिला घटना के वक्त 7 माह की गर्भवती थी।

मार्च 2015 में विलकिन्स प्रसूता परिधानों के बारे में लेन के ऑनलाइन विज्ञापनों पर उससे मिलने गई थी। तब लेन ने उसे फुसला कर अपने घर बुलाया। जब वह उसके घर गई तो लेन ने विलकिन्स पर हमला बोल दिया। डंडो से पिटाई की और चाकू से हमला कर उसके गर्भाशय को काटकर भ्रूण को अलग कर दिया।

बच्चे की हो गई मौत

लेन के जीवनसाथी ने कहा कि वह उस दिन लेन को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए जल्दी घर आया था, और देखा कि वह खून से लथपथ थी। उसने कहा कि उसका गर्भपात हो गया था। लेने का जीवनसाथी उसे और उस भ्रूण को यह जाने बिना अस्पताल ले गया कि विल्किन्स तलघर में खून में लथपथ पड़ी थी।

जज मारिया बर्केनकॉटर ने लेन को हत्या के प्रयास के लिए 48 साल की और गैरकानूनी तरीके से गर्भपात करने के लिए 32 साल कैद की सजा सुनाई। शेष सजा हमले के आरोपों के लिए है। जांच में पाया गया कि गर्भाशय किसी प्रशिक्षित नर्स ने चीरा है जिसे सीजेरियन ऑपरेशन करना आता हो। बाद में पता चला कि लेन सर्टिफाइड नर्स थी।

जज मारिया बर्केनकॉटर ने लेन को 100 साल की जेल की सजा सुनाई। इसमें हत्या के प्रयास के लिए 48 साल, अवैध गर्भपात के लिए 32 साल और बचे घातक हमला करने के लिए है। वकीलों ने भ्रूण हत्या का मामला नहीं बनाया क्योंकि कोलोराडो प्रांत का कानून भ्रूण को प्राणी नहीं मानता। गर्भ से बाहर आकर जीवित बचे भ्रूण को ही मानव माना जाता है।

इस हमले में विल्किन्स की जान बच गई, लेकिन उसका अजन्मा बच्चा नहीं बच सका। उस समय 26 साल की रही विल्किन्स ने खुद हेल्पलाइन पर फोन कर मदद मांगी थी। मामले की सुनवाई कर रही जज मारिया ब्रोकेंटर ने इस अपराध को बर्बर, चौंकाने वाला बताया।

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