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अमेरिका में प्रजातंत्र पर खतरे के बादल

 Majid |  2017-10-26 06:30:10.0  |  अमेरिका

अमेरिका में प्रजातंत्र पर खतरे के बादल

ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में बेचैनी बढ़ गयी है. अमेरिका के एक सिनेटर ने अपने देश की वर्तमान स्थिति और राष्ट्रपति के क्रियाकलाप पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि डोनल्ड ट्रम्प के क़दम, डेमोक्रेसी के लिए ख़तरनाक हैं।

एरिज़ोन प्रांत के सिनेटर जेफ़ फ़्लेक ने अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा है कि श्रीमान राष्ट्रपति! मैं चुप नहीं बैठूंगा। उनके भाषण को अमरीका के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ रिपब्लिकन पार्टी के किसी सदस्य के अत्यंत कड़े भाषण की संज्ञा दी गई है।

अपने भाषण में फ़्लेक ने कहा है कि ट्रम्प का रवैया और उनका क्रियाकलाप अमरीकी मान्यताओं और राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ और इस देश में प्रजातंत्र के लिए ख़तरा है। इस समय अमरीका के सामाजिक व राजनैतिक हल्क़ों में चाहे वे डेमोक्रेटिक पार्टी के हों या रिपब्लिकन पार्टी के हों, देश के भविष्य के बारे में गंभीर चिंताएं पाई जाती हैं।

अमरीका के आम जनमत और बुद्धिजीवियों का मानना है कि वर्तमान सरकार, एक अन्य देश अर्थात रूस के प्रत्यक्ष व परोक्ष हस्तक्षेप से सत्ता में पहुंची है और राजनैतिक व सामाजिक सुधार के बहाने दक्षिणपंथी विचारों को थोपने की कोशिश में है।

इतिहास साक्षी है कि अमरीकी प्रजातंत्र पिछली दो शताब्दियों में सांस्कृतिक विविधता और बहुजातीय प्रक्रिया के अंतर्गत ही फला फूला है जिसके परिणाम स्वरूप इस देश की राष्ट्रीय शक्ति में वृद्धि हुई। कुछ लोगों को चिंता है कि अगर यह प्रक्रिया रुक जाती है और एक संस्कृति व एक जाति की नीतियां पलट आती हैं तो इस देश में प्रजातंत्र का पेड सूख जाएगा। ये घटनाएं, जैसा कि सिनेटर जैफ़ फ़्लेक ने कहा है, अमरीका में प्रजातंत्र के लिए ख़तरा बन सकती हैं।

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