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भारत ने अग्नि-5 का किया सफल परीक्षण, मिसाइल की जद में होंगे पाक और चीन

इस मिसाइल के साथ ही भारत 5,000 से 5,5000 किलोमीटर की दूरी तक वार करने वाले बलिस्टिक मिसाइलों से लैस देशों के ग्रुप में शामिल हो जाएगा।

 Arun Mishra |  2018-06-03 12:14:29.0  |  दिल्ली

भारत ने अग्नि-5 का किया सफल परीक्षण, मिसाइल की जद में होंगे पाक और चीनAgni5

ओडिशा : भारत ने आज इंटर बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया। ओडिशा के अब्दुल कलाम आइलैंड के इंटेग्रेटिड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से इसका परीक्षण किया गया। यह आइलैंड ओडिशा के बालासोर जिले में मौजूद है। इस आइलैंड को व्हीलर आइलैंड भी कहा जाता है। यह छठवीं बार है जब मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।

डीआरडीओ, इंटर बैलिस्टिक मिसाइल,
अग्नि 5 बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण लॉन्च पैड नंबर 4 से सुबह के 9.48 मिनट पर किया गया। इसका आखिरी बार सफल परीक्षण इसी साल 18 जनवरी को किया गया था। अग्नि-5 मिसाइलों को डीआरडीओ ने विकसित किया है और अग्नि सीरीज की मिसाइलों को चीन और पाकिस्तान को ध्यान में रखकर जमीन पर मार करने लिए तैयार किया गया है। अग्नि-5 मिसाइल की ऊंचाई करीब 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। 50 टन की यह मिसाइल डेढ़ टन तक परमाणु हथियार ढोने में सक्षम है। यह ध्वनि की गति से 24 गुना ज्यादा तेजी से जा सकती है।
इस मिसाइल के साथ ही भारत 5,000 से 5,5000 किलोमीटर की दूरी तक वार करने वाले बलिस्टिक मिसाइलों से लैस देशों के ग्रुप में शामिल हो जाएगा। अभी यह क्षमता अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों के ही पास है।
कब-कब हुआ अग्नि का परीक्षण
अग्नि-5 का पहला परीक्षण 19 अप्रैल, 2012 को किया गया था।
दूसरी बार सितंबर 15, 2013 को किया गया था।
तीसरी बार 31 जनवरी 2015 को इसका परीक्षण किया गया था
चौथी बार 26 दिसबंर 2016 को इसका परीक्षण हुआ।
ये है अग्नि-5 की रेंज
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा स्वदेश निर्मित यह परमाणु क्षमता वाली सरफेस-टू-सरफेस मिसाइल 5,000 से 8,000 किलोमीटर तक के दायरे में निशाना साध सकती है। यह चीन के लगभग हर हिस्से में पहुंच सकती है।
ये है वजन
अग्नि-5 मिसाइल का वजन 50 टन है। इसकी मिसाइल की लंबाई 17 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर है। यह अपने साथ एक टन से ज्यादा के परमाणु हथियार ले जा सकती है।
अग्नि-5 का आखिरी बार दिसंबर 2016 में परीक्षण किया गया था जिसे यह कहकर परिभाषित किया गया था कि यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का आखिरी परीक्षण है। अग्नि-5, अग्नि सीरीज की मिसाइलें हैं जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है। आपको बता दें कि भारत के पास पहले से ही अग्नि-1, अग्नि-2 और अग्नि-3 मिसाइलें हैं। इन्हें पाकिस्तान के खिलाफ बनाई गई रणनीति के तहत तैयार किया गया है। वहीं अग्नि-4 और अग्नि-5 को चीन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

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