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जानिये भगवान् के किन स्वरूपों का करना चाहिए दर्शन

 alok mishra |  2016-09-06 13:24:52.0  |  New Delhi

जानिये भगवान् के किन स्वरूपों का करना चाहिए दर्शन

जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए ईश्वर के आशीर्वाद, उनके सानिध्य की जरूरत होती है। ऐसा माना जाता है सुबह सवेरे आंख खोलते ही अगर भगवान की अलौकिक सुंदरता के दर्शन हो जाएं तो वो दिन सफल हो जाता है।
ईश्वर के दर्शन करने को तो हर हाल में शुभ और सफलता का कारक ही माना गया है, लेकिन ईश्वर के कुछ स्वरूप ऐसे भी होते हैं जिनका दर्शन करना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

ईश्वर के स्वरूप

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार ईश्वर के कुछ विशेष स्वरूप ऐसे भी हैं जिनका सामान्य जन अगर दर्शन कर ले तो उसे दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन विशेष स्वरूपों के विषय में।

. भगवान गणेश की पीठ

ईश्वर की पीठ के दर्शन करना अशुभ होता है। विशेषकर भगवान गणेश की पीठ देखने से दरिद्रता हाथ लगती है।

. मंदिर

घर के मंदिर में एक ही देवी-देवता के विभिन्न स्वरूपों को रखना अच्छा नहीं होता। इसलिए उन्हें एक ही स्वरूप में रहने दें।

रौद्र स्वरूप

मंदिर में देवी-देवता के रौद्र स्वरूप को नहीं रखना चाहिए। उन्हें हमेशा शांत, सुशील और कोमल स्वरूप में ही देखना चाहिए, इससे घर और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

विनाशकारी स्वरूप

युद्ध में लड़ते हुए, किसी देवता के रौद्र या विनाशकारी स्वरूप के दर्शन करने से जीवन में भयंकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

. शनि देव

तांडव करते हुए भगवान शिव, शनि देव, भैरव बाबा, राहु-केतु, इनमें से कोई भी मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए।

. देवी-देवताओं की तस्वीर

देवी-देवताओं की तस्वीर कभी भी एक-दूसरे के सामने नहीं रखनी चाहिए। इससे हानि होती है।

ये सभी मुद्राएं या स्वरूप, आपकी खुशियों और परिवार की खुशहाली पर विराम लगा सकते हैं। इसलिए इन बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

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