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अगर आप भीं हैं मैगी खाने के शौकीन, तो सच्चाई जान लीजिए?

 Arun Mishra |  2017-03-20 12:13:51.0  |  New Delhi

अगर आप भीं हैं मैगी खाने के शौकीन, तो सच्चाई जान लीजिए?File Photo

विज्ञापनों में नूडल्स को चाहें जितना भी स्वास्थ्य के लिए बेहतर बताया जाए लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। जानिए कैसे 2 मिनट के मज़े के लिए अपनी ज़िंदगी के साथ खेल रहे हैं आप?

रिफाइंड आटा -
सभी तरह के नूडल्स (आटा और चावल दोनों) को बनाने में रिफाइंड आटे का इस्तेमाल होता है। इसे खाने से आपका ब्लड शुगर बढ़ता है और कुछ वक्त के लिए आप ऊर्जावान महसूस करते हैं। लेकिन जल्दी ही ये ब्लड शुगर गिरता है और आपको धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।
नुकसान: मोटापा, पाचन क्रिया में समस्या

वसा युक्त -
दो मिनट में नूडल्स को तैयार करने के लिए उसे पैकिंग से पहले तला जाता है ताकि लंबे वक्त तक ये ख़राब न हों। इस प्रक्रिया में पहले भाप और फिर वसा युक्त तेल का इस्तेमाल किया जाता है। वसा का ये सबसे ख़तरनाक रूप होता है, जो आपके शरीर को सबसे ज़्यादा नुकसान देता है।
नुकसान: बुरा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और दिल के लिए हानिकारक

सोडियम -
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एक दिन में अधिकतम 2000 मिलीग्राम सोडियम इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन फ्लेवर देने के लिए कंपनियां नूडल्स में इसका खूब प्रयोग करती हैं। 100 ग्राम के एक पैकेट में इतना सोडियम होता है जो एक दिन के लिए तय की गई नियत मात्रा से कहीं ज़्यादा है।
नुकसान: इससे ब्लड प्रेशर, दिल की समस्याएं और स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ता है।
आपके स्वास्थ्य के लिए घातक है नूडल्स

1. नूडल्स ख़ासकर मैगी में पाए गए लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) आपके सेहत के लिए खतरनाक हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इससे किडनी खराब हो सकती है और नर्वस सिस्टम डैमेज हो सकता है।

2. नूडल्स में पोषक तत्वों का दावा करने वाली कंपनियां ये नहीं जानती कि इसे बनाने की प्रक्रिया के दौरान इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों से वो बेकार हो जाते हैं।

3. डॉक्टरों के मुताबिक लेड एक टॉक्सिक मेटल है और यह MSG से भी ज्यादा ख़तरनाक है। अगर बॉडी में अधिक मात्रा में लेड शामिल हो जाए तो इसकी वजह से न्यूरोलॉजिकल परेशानी हो सकती है. इसकी वजह से ब्रेन के नर्वस सिस्टम पर असर होता है।

4. यही नहीं लेड ब्लड सप्लाई को भी प्रभावित करता है. यही नहीं डॉक्टर का कहना है कि इसकी वजह से किडनी की बीमारी होने का खतरा रहता है और लंबे समय के यूज के बाद किडनी फेल तक हो सकती है।

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