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बाटला हाउस फर्जी मुठभेड़ की आठवीं बरसी: आतंकवाद के नाम पर फंसाए गए पीड़ित सुनाएंगे अपनी दास्तान

 Special Coverage News |  2016-09-12 11:10:04.0  |  लखनऊ

बाटला हाउस फर्जी मुठभेड़ की आठवीं बरसी: आतंकवाद के नाम पर फंसाए गए पीड़ित सुनाएंगे अपनी दास्तान

लखनऊ

बाटला हाउस फर्जी मुठभेड़ की आठवीं बरसी पर रिहाई मंच आतंकवाद के नाम पर फंसाये गए युवकों की जनसुनवाई 19 सितंबर को यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में करेगा।


जारी प्रेस विज्ञप्ति में रिहाई मंच लखनऊ महासचिव शकील कुरैशी ने कहा कि बाटला हाउस की बरसी पर होने वाली यह जनसुनवाई मौजूदा सरकार से लेकर पूर्ववर्ती सरकारें किस तरह आतंकवाद के झूठे मामलों में मुस्लिम युवकों को फंसाने में संलिप्त हैं, इसको आम जनता के सामने लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एक तरफ तो सपा सरकार ने बेगुनाह मुस्लिम युवकों की रिहाई का वादा पूरा नहीं किया तो वहीं अब चुनाव की सरगर्मियों में बसपा प्रमुख मायावती कह रही हैं कि आतंकवाद के नाम पर पुलिस बेगुनाह मुस्लिम युवकों को फंसाती हैं, जबकि इन दोनों की सरकारों में बेगुनाहों को फंसाया गया है।


रिहाई मंच नेता अमित अंबेडकर ने कहा कि आतंकवाद की वैश्विक रणनीति का शिकार मुसलमान हैं। जिसके नाम पर कभी गुजरात में मोदी सरकार में इशरत जहां, मनमोहन सरकार में बाटला हाउस फर्जी मुठभेड़, मुलायम सरकार में मौलाना वलीउल्ला पर झूठा आतंकवाद का आरोप, मायावती सरकार में कश्मीरी शाल बेचने वालों का फर्जी मुठभेड़ में मार गिराना, मौजूदा अखिलेश सरकार में पुलिस हिरासत में मौलाना खालिद मुजाहिद की हत्या सुरक्षा एजेंसियां करवा देती हैं।


रिहाई मंच द्वारा आयोजित होने वाली यह जन सुनवाई बेगुनाहों को जेलों में सड़ने के लिए मजबूर और चुनावी वादों, भाषणों और जुमलों के नाम पर सत्ता हासिल करने वाली पार्टियों की कारगुजारी को बेनकाब करेगा।

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