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आखिर पाकिस्तान निशान-ए – इम्तियाज़ पुरस्कार इस भारतीय पत्रकार को देने को क्यों बेक़रार हैं?

 शिव कुमार मिश्र |  2017-04-16 12:06:48.0  |  दिल्ली

आखिर पाकिस्तान निशान-ए – इम्तियाज़ पुरस्कार इस भारतीय पत्रकार को देने को क्यों बेक़रार हैं?

लेखक वरिष्ठ पत्रकार नवीन कुमार शर्मा

आखिर पाकिस्तान निशान-ए – इम्तियाज़ पुरस्कार भारतीय पत्रकार को देने को क्यों बेक़रार हैं? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलहाकार सरताज अज़ीज़ ने आज ट्वीट करके बताया कि भारतीय पत्रकार बरखा दत्त को पाकिस्तान का पुरस्कार निशान-ए – इम्तियाज़ मिलाना चाहिये क्योकि उन्होंने दुर्गम परिस्थितियों में भी जे & के में हो रहे मानवधिकारों के हनन के मामले उठती रहती हैं ? क्या वाकई में जम्मू कश्मीर में मानवधिकारों का हनन हो रहा हैं ? आखिर पाकिस्तान निशान-ए – इम्तियाज़ पुरस्कार भारतीय पत्रकार को देने को क्यों बेक़रार हैं ?


ऐसा नहीं हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलहाकार सरताज अज़ीज़ ने कोई पहली बार इस तरह का ट्वीट किया हैं। इससे पहले भी वह बरखा दत्त को लेकर अनेको बार ट्वीट कर चुके हैं बरखा के साथ साथ अरविन्द केजरीवाल आदि के लिये भी उन्होंने ट्वीट किये हैं जिनमे इन सभी के उन बयानों को नैतिक मनोबल देने की कोशिश की गयी हैं जिनमे अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान की तरफदारी की गयी हैं।


इस बात से सभी सहमत भी हैं कि जिन पत्रकारों के नामो को लेकर सरताज अज़ीज़ तारीफ करते नज़र आते हैं वे सभी पत्रकार भारत में अपनी पत्रकारिता के स्तर को लेकर हमेशा आलोचनाओं के घेरे में रहे हैं। कारगिल की लड़ाई रही हो मुंबई हमला रहा हो पठानकोट हमला हुआ हो या फिर कश्मीर में आतंकवादी बुरहान बानी को मार गिराया जाना हो सभी में इनका समाचार संकलन का काम इनको कटघरे में खड़ा करता रहा हैं। ऐसा भी नहीं हैं की इनको लेकर पाकिस्तान की तरफ से कोई बयां आया हो और इन्होने उसका जवाब दिया हो। न कभी खंडन किया और न ही अपना विरोध दर्ज करवाया हैं।


सरताज अजीज तो तब भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार के इनकी तारीफ तो दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादियों में से एक हाफिज सईद भी कर चुका हैं। उस समय भी बरखा दत्त की तरफ से कोई विरोध दर्ज़ नहीं कराया गया। ऐसा भी नहीं हैं की किसी दूसरे देश में पत्रकारों को सम्मानित न किया जाता हो या कभी किये नहीं गये हो किये जाते हैं मगर करने वाले की नियत और इरादे किया हैं इस पर भी ध्यान देने की जरुरत हैं और किया किसे जा रहा हैं यह और भी महत्वपूर्ण प्रश्न हैं।

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शिव कुमार मिश्र

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