Home > राष्ट्रीय > विजय दिवस :आज ही के दिन जब 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण

विजय दिवस :आज ही के दिन जब 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण

 Arun Mishra |  2016-12-16 05:28:09.0  |  नई दिल्ली

विजय दिवस :आज ही के दिन जब 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने किया था आत्मसमर्पण

नई दिल्ली : आज हमारा विजय दिवस है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सेना प्रमुखों के साथ अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि आज ही के दिन हमने महाविजय हासिल की थी और देश का नवनिर्माण किया था।

16 दिसम्बर 1971 हमारा "विजय दिवस" है। क्या आपको इसके बारे में याद है? क्या आपको याद है की इस दिन ऐसा क्या हुआ था कि ये हमारा विजय दिवस बना? बहुत सारे लोग अपने दिमाग पर जोर डाल रहें होंगे। सोच रहे होंगे कि ये आदिल कौनसे विजय दिवस की बात कर रहा है। हमारा विजय दिवस तो 26 जुलाई को मनाया जाता है। अब ये 16 दिसम्बर को कौनसा विजय दिवस आ गया।

तो चलिये मैं आपको बता देता हूँ कि वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध के दौरान 16 दिसंबर को ही भारत ने पाकिस्तान पर विजय हासिल की थी। और उसी उपलक्ष में यह दिन हर वर्ष "विजय दिवस" के रूप में मनाया जाने लगा। लेकिन समय के साथ लोग इस दिन को भूलते चले गए। कम से कम हमारी पीढ़ी ने तो इस ऐतिहासिक जीत को बिल्कुल भुला ही दिया।

तो फिर 26 जुलाई को कौनसा विजय दिवस मनाया जाता है?
26 जुलाई को हमारा "कारगिल विजय दिवस" मनाया जाता है। 1999 में भारतीय सेना के जवानों ने अपने अदम्य साहस और वीरता से कारगिल और उसके आसपास की दूसरी चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी सेना को खदे़ड बाहर किया और इन चोटियों पर फिर से विजय हासिल की थी। इस मुश्किल मुहिम में भारतीय सेना के तक़रीबन 500 वीर सपूत शहीद हुए थे। 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए "ऑपरेशन विजय" को सफलतापूर्वक अंजाम देकर अपनी मातृभूमि को घुसपैठियों के चंगुल से मुक्त कराया था। इसी की याद में "26 जुलाई" अब हर वर्ष "कारगिल विजय दिवस" के रूप में मनाया जाता है।

पर हम यहाँ बात कर रहे हैं 16 December 1971 विजय दिवस की:
वर्ष 1971 में हुए इस भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तानी सेना पराजित हुई और 16 दिसंबर 1971 को ढाका में 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध के 12 दिनों में अनेक भारतीय जवान शहीद हुए और हजारों घायल हो गए।

पाक सेना का नेतृत्व कर रहे ले. जनरल एके नियाजी ने अपने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के कमांडर ले. जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने आत्मसमर्पण कर हार स्वीकार की थी।

Tags:    
Share it
Top