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तीन तलाक के खिलाफ संघ के समर्थन में आईं 10 लाख मुस्लिम महिलाएं

 Arun Mishra |  2017-03-18 07:50:30.0  |  New Delhi

तीन तलाक के खिलाफ संघ के समर्थन में आईं 10 लाख मुस्लिम महिलाएंFile Photo

नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने तीन तलाक के विरोध में एक सिग्नेचर कैंपेन का आयोजन किया। इसमें 10 लाख से ज्यादा मुस्लिमों ने हिस्सा लिया। उनमें भी महिलाएं ज्यादा हैं। यह काम आगे भी जारी है। MRM, यानी संघ का मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, द्वारा जो पिटीशन साइन करवाई जा रही है उसमें कहा जा रहा है कि इसको धर्म से जोड़कर न देखा जाए क्योंकि यह एक सामाजिक समस्या है।

एमआरएम के नेशनल कोर्डिनेटर मोहम्मद अफजल ने इस बारे में बात करते हुए कहा, 'भाजपा की यूपी में हुई बड़ी जीत, देवबंद जैसे मुस्लिम बहुल इलाके में उनका जीत जाना यह दिखाता है कि मुस्लिम महिलओं की आवाज उनके साथ है। इससे साफ होता है कि मुस्लिम महिला बीजेपी के ट्रिपल तलाक पर लिए गए फैसले के साथ है।'

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में भारतीय जनता पार्टी ने भारी जीत हासिल की है। उसे अपने दम पर 312 सीट मिली हैं। भाजपा ने ऐसे इलाकों में भी जीत दर्ज की है जहां पर मुस्लिम जनसंख्या ज्यादा है। इसपर भाजपा नेता लगातार इस बात को कहते रहे हैं कि सरकार ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर अपना जो पक्ष रखा उसकी वजह से अधिकतर मुस्लिम महिलाएं भाजपा के साथ आ गईं।

हालांकि ट्रिपल तलाक़ के समर्थन में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि महिलाओं की हत्या करने से बेहतर है कि उसे तलाक़ दे दिया जाए। उनका का कहना है कि धर्म द्वारा दिये गए अधिकार को कोर्ट में चैलेंज नहीं किया जा सकता है।

पिछले साल पीएम मोदी ने भी ट्रिपल तलाक़ का विरोध करते हुए कहा था कि इस क़ानून की वजह से मुस्लिम महिलाओं की ज़िदगी को बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता है। इसके साथ ही उनहोंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था कि विपक्ष वोट बैंक के लिए इस मुद्दे को भुना रही है जो ठीक नहीं है।

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