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सपा सांसद ने देवी-देवतओं पर दिया विवादित बयान, राज्यसभा से हटाए गए विवादित शब्द

सपा नेता नरेश अग्रवाल ने लिंचिंग पर बहस के दौरान कहा कि कुछ लोग हिंदू धर्म के ठेकेदार बन गए हैं, BJP और VHP जैसे लोग कहते थे कि जो हमारा सर्टिफिकेट नहीं लेकर आएगा, वो हिंदू नहीं है।

 Ekta singh |  2017-07-19 10:23:09.0  |  नई दिल्ली

सपा सांसद ने देवी-देवतओं पर दिया विवादित बयान, राज्यसभा से हटाए गए विवादित शब्द

नई दिल्ली: सपा नेता नरेश अग्रवाल ने लिंचिंग पर बहस के दौरान कहा कि कुछ लोग हिंदू धर्म के ठेकेदार बन गए हैं, BJP और VHP जैसे लोग कहते थे कि जो हमारा सर्टिफिकेट नहीं लेकर आएगा, वो हिंदू नहीं है। उन्होंने कहा कि 'व्हिस्की में विष्णु बसे, रम में बसे श्रीराम, जिन में माता जानकी और ठर्रे में हनुमान, सिया पत रामचंद्र की जय'। नरेश अग्रवाल बोले कि गाय हमारी माता है तो बैल क्या हुआ, बछड़ा हमारा क्या हुआ।

नरेश अग्रवाल के इस बयान पर राज्यसभा में जमकर बवाल हुआ। बीजेपी नेता भूपेंद्र यादव ने नरेश अग्रवाल ने माफी की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि नरेश अग्रवाल का यह बयान हिंदू धर्म का अपमान है। हंगामे के बाद उनका बयान राज्यसभा की कार्यवाही से हटा दिया गया है। वहीं सपा सांसद ने खुद अपने शब्द वापस लेने की बात कही। बुधवार को राज्यसभा में बहस हुई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बहस की शुरुआत की।

इस दौरान उन्होंने जुनैद का मुद्दा उठाया, वहीं दलित बुजुर्ग को मंदिर में ना जाने के मुद्दे को भी गुलाम नबी आजाद ने उठाया। आजाद ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर सरकार को ही निशाना नहीं बना रहा हूं, कई मुद्दों में यह सामने नहीं आया है कि किस पार्टी का हाथ शामिल है। उन्होंने कहा कि झारखंड के अंदर मॉब लिंचिग के मुद्दे पर लगातार कई मामले सामने आए हैं।
गुलाम नबी आजाद बोले कि व्हाट्सएप के मैसेज को लेकर भी लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, अलग इस तरह से कार्रवाई होगी तो हम सभी जेल में होंगे। उन्होंने कहा कि BJP पार्टी व्हाट्सएप पर कई तरह के मैसेज फैलाती है। आजाद ने कहा कि झारखंड में आपके परिवार के लोगों ने मस्जिद में घुसकर लोगों पर अत्याचार किया। मैं आपके परिवार का नाम नहीं लेना चाहूंगा, वरना हंगामा हो जाएगा।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। आजाद बोले कि वहां पर नई-नई सरकार बनी थी, उस दौरान पुलिस ने वहां पर दो लोगों को गोली मार दी थी, जिसमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई थी। लेकिन SHO को एक हफ्ते के लिए सस्पेंड किया गया और कुछ नहीं। मोहम्मद अयूब पंडित की हत्या एक शर्मनाक बात है, हम इसकी निंदा करते हैं। महाराष्ट्र में भी एक व्यक्ति मुस्लिम टोपी लगाए हुए था, उसकी हत्या कर दी गई।
उन्होंने कहा कि आज देश में जितनी भी लिंचिंग हो रही है कि उसमें रुलिंग बीजेपी पार्टी के संघ परिवार का कोई ना कोई सदस्य रहा है। हम मानते हैं कि पीएम ने इस पर बयान दिया है लेकिन सरकार ने शायद ये सोच रखा है कि हम बयान देते रहेंगे, लेकिन तुम अपना काम करते रहो। देश सबका है लेकिन सबसे ज्यादा जिम्मेदारी सरकारी की बनती है। सरकार खुद ही देश का माहौल बिगाड़ रही है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि ये लड़ाई किसी धर्म की नहीं है, ये हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई है। ये इंसानियत की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हम मुसलमान होने के बावजूद कश्मीर में लड़ते हैं, कश्मीर में दो मुस्लिम पार्टियां ही आमने-सामने हैं। देश को वोट के आधार पर तोड़ना नहीं चाहिए।

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