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लंगर और प्रसाद पर GST को लेकर सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को खिलाए जाने वाले प्रसाद पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) नहीं वसूला जाएगा.

 Deepak Gupta |  2017-07-12 11:11:28.0  |  नई दिल्ली

लंगर और प्रसाद पर GST को लेकर सरकार ने जारी किया स्पष्टीकरण

नई दिल्लीः धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को खिलाए जाने वाले प्रसाद पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) नहीं वसूला जाएगा, लेकिन इसमें लगने वाली सामग्रियों जैसे चीनी, तेल, घी आदि पर जी.एस.टी. लगेगा। सरकार की और से यह जानकारी दी गई है। वित्त मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि मीडिया में लगातार गलत खबरें चल रही है कि धार्मिक संस्थानों द्वारा संचालित एंव अन्न क्षेत्रों में दिए जाने वाले मुफ्त भोजन पर जी.एस.टी. (वस्तु एवं सेवा कर) लगेगा।

बता दे कि वित्त मंत्रालय ने कहा की इस तरह के दिए जाने वाले मुफ्त भोजन पर जी.एस.टी. नहीं देना होगा। इसके अलावा धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, गुरुद्वारों, दरगाह में दिए जाने वाले प्रसाद पर सी.जी.एस.टी. और एस.जी.एस.टी. अथवा आई.जी.एस.टी., जो भी लागू हो, शून्य है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार प्रसाद बनाने में काम आने वाले कुछ रॉ मेटेरियल और उनसे जुड़ी सेवाओं पर जी.एस.टी. लगेगा। इनमें चीनी, वनस्पति खाद्य तेल, घी, मक्खन, इन वस्तुओं की ढुलाई से जुड़ी सेवा इत्यादि शामिल हैं। मसलन, चीनी या घी का इस्तेमाल केवल प्रसाद बनाने में ही नहीं, बल्कि घरों में या फिर होटलों में होता है। अब ऐसे में धार्मिक जगहों के लिए चीनी या घी के लिए अलग से जी.एस.टी. की दर तय करना संभव नहीं है।

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