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तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाएं हिंदू धर्म अपनाएं, हम उन्हें न्याय दिलाएंगे : हिंदू महासभा

 Arun Mishra |  2017-04-14 07:26:49.0  |  New Delhi

तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाएं हिंदू धर्म अपनाएं, हम उन्हें न्याय दिलाएंगे : हिंदू महासभाFile Photo

नई दिल्ली : तीन तलाक मुद्दे पर हिंदू महासभा की अोर जारी बयान से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। महासभा ने मुस्लिम महिलाअों से कहा कि हिंदू धर्म स्वीकार करें, अापको न्याय मिलेगा। हिंदू महासभा की महासचिव डॉ. पूजा शकुन पांडे ने अागरा में कहा कि तीन तलाक से पीड़ित मुस्लिम महिलाएं हिंदू धर्म अपनाएं, उन्हें न्याय मिलेगा।

मुस्लिम नारी उत्थान यज्ञ में शामिल डॉ. पांडे ने कहा कि अगर हमारी सरकार और कानून आपको न्याय नहीं दिला सकती तो हम अाप न्याय दिलाएंगे। इस मौके पर उपस्थित हिन्दू महासभा के कार्यकर्ताअों ने तीन तलाक से लड़ने की शपथ ली।

उसने कहा कि हिन्दू महासभा ऐसी सभी महिलाओं को अपनी बेटियों के रूप में मानती है और उनसे आत्म सम्मान रक्षा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एेसी महिलाअों की शादी का अायोजन भी महासभा की अोर से किया जाएगा अौर हम लोग कन्यादान करेंगे। इससे मुस्लिम महिलाअों को एक सुरक्षित जीवन मिलेगा।

डॉ. पांडेय के बयान से अखिल भारतीय मुस्लिम महिला बोर्ड की अध्य़क्ष शेरिन मसरुर ने असहमति जताते हुए कहा कि शादी के लिए धर्मांतरण सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में अार कुछ करना चाहते हैं, तो मुस्लिम महिलाअों को शिक्षित करना, उनके मनोबल को बढ़ावा देना चाहिए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना चाहिए। इससे तीन तलाक के मुद्दे का समाधान हो सकता है।

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मारिया आलम ने कहा कि पहले हिन्दू धर्म में दहेज, स्त्री भेदभाव और महिलाओं के शारीरिक उत्पीड़न को समाप्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम तीन तलाक के खिलाफ लड़ रहे हैं और जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

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Arun Mishra

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