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यूपी चुनाव से पहले अखिलेश ने किया ये बड़ा ऐलान , 17 पिछड़ी जातियां SC में शामिल

 आलोक मिश्रा |  2016-12-22 08:06:55.0  |  लखनऊ

यूपी चुनाव से पहले अखिलेश ने किया ये बड़ा ऐलान , 17 पिछड़ी जातियां SC में शामिल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सारी पार्टियां दमखम के साथ चुनावी मैदान में उत्तर चुकी है .सारी पार्टी बड़ी बड़ी घोषणाएं कर रही है . वही उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी पार्टी सपा भी किसी से पीछे नही है . सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने काम के डीएम पर सत्ता में वापसी का डीएम भर रहे है . और सूबे के लिए नई नई घोषणाएं कर रहे है .
गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए यूपी सरकार ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल कर लिया. अख‍िलेश सरकार के मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
बुधवार को ही अख‍िलेश सरकार ने कई घोषणाएं की थीं. शिक्षकों व कर्मियों को चुनावी तोहफा दिया गया था. राज्य कर्मियों की भांति सहायता प्राप्त शैक्षिक संस्थानों, स्वायत्तशासी संस्थाओं व निगमों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों के मामले में पति-पत्नी दोनों को मकान किराया भत्ता देने की घोषणा हुई. सरकारी नौकरियों में पिछड़े वर्गो की तरह अब भुर्तिया जाति को भी आरक्षण का लाभ मिलेगा.

प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण में अहीर, यादव, यदुवंशी, ग्वाला के साथ भुर्तिया जाति को भी जोड़ने का फैसला किया है. गौरतलब है कि यूपी की तमाम पिछड़ी जातियों की तरफ से ऐसी मांग आती रही है. हालांकि इसको लेकर विवाद भी रहा है, क्योंकि जो जातियां पहले से अनुसूचित जाति के दायरे में उन्हें इससे दिक्कत महसूस होती है. यह इसलिए कि 17 नई जातियों के शामिल होने से अनुसूचित जाति के तहत मिलने वाला कोटा अब ज्यादा जातियों में बंट जाएगा.

इन 17 पिछड़ी जातियों के नाम इस प्रकार है: कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, भर, राजभर, धीवर, बाथम, तुरहा, गोंड, मांझी और मछुआरा. कहा जा रहा है कि अखिलेश सरकार द्वारा इन जातियों को दलितों में शामिल कर लेने कारण अगले विधानसभा चुनाव में बसपा मुखिया मायावती को नुकसान हो सकता है.


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