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केरल में 50 आवारा कुत्तों ने 65 साल की महिला को नोच-नोच कर मार डाला

 Special Coverage News |  2016-08-20 09:54:23.0  |  Kerala

केरल में 50 आवारा कुत्तों ने 65 साल की महिला को नोच-नोच कर मार डाला

तिरुवनंतपुरम: केरल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यह घटना शुक्रवार रात को सचिवालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर पुल्लुविला बीच पर हुई। बीती रात करीब 50 आवारा कुत्तों ने 65 साल की एक महिला पर हमला किया और उसे नोच-नोच कर मार डाला जबकि एक अन्य महिला बुरी तरह से जख्मी हो गई।

कुत्तों के आतंक से हर कोई परेशान है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मरने वाली महिला की पहचान शीलुअम्मा के रूप में हुई है। जबकि घायल महिला का नाम
डेजी
बताया जा रहा है। इस भयावह घटना की शिकार महिला शीलुअम्मा की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिजनों और क्षेत्रवासियों ने महिला की मौत के लिए शहर प्राधिकरण पर आरोप लगाया।

पुल्लुविला के गुस्साए लोगों के समूह ने पूछा,''हम सभी अपना धैर्य खो चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि वे कानून की वजह से कुत्तों को मार नहीं सकते। क्या हम कुत्तों से भी हीन है?''

खबरों के मुताबिक, यह घटना
तिरुवनंतपुरम
से लगभग 30 मिनट की दूरी पर रात लगभग नौ बजे हुई। महिला शौचालय के इस्तेमाल के लिए समुद्र की ओर गई थी। जब महिला का पुत्र उनकी तलाश में गया तो उन्होंने यह घटना देखी। उसे खुद को कुत्तों से बचाने के लिए समुद्र में गोता लगाना पड़ा। शीलुअम्मा की मौत के लगभग घंटे भर बाद एक अन्य 50 वर्षीया महिला डेजी पर भी कुत्तों ने हमला किया।

आवारा कुत्तों के आतंक के खिलाफ सशक्त आवाज उठाने वाले कारोबारी
कोचुउसेफ चिट्टीपल्ली
ने मेनका गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरी इच्छा है कि एक बार उन्हें भी कुत्ते काटे तब जाकर उन्हें उस खतरे का अहसास होगा जिसका सामना लोग कर रहे हैं।

चिट्टीपल्ली ने कहा, "मैं यह जानता हूं कि मेनका गांधी को कभी कुत्ता नहीं काटेगा क्योंकि वह अत्यधिक सुरक्षा घेरे में आती-जाती हैं। इस मामले की जांच होनी चाहिए कि बाजार में रेबीज रोधी टीकों की बिक्री के लिए लोगों को कितनी रिश्वत मिली। राज्य के मंत्री भी चुप्पी साधे हुए हैं। अब स्थिति यह हो गई है कि अगर किसी मंत्री की पत्नी को कुत्ता काटता है केवल तभी कार्रवाई होगी।"

उनके परिवार वाले और स्थानीय लोग घटना से काफी गुस्साए है। उन्हें मृतका का शव लेने के लिए सरकारी अस्पताल के बाहर काफी इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आवारा कुत्तों के इस आतंक के लिए राज्य प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है।


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