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जमीन अधिग्रहण मामले में, कोर्ट ने प्रदेश सरकार पर ठोंका एक करोड़ का हर्जाना

 Special Coverage News |  2016-09-02 06:15:00.0  |  इलाहाबाद

जमीन अधिग्रहण मामले में, कोर्ट ने प्रदेश सरकार पर ठोंका एक करोड़ का हर्जाना

इलाहाबाद: गाजियाबाद के लोनी तहसील के किसानों की सौ हेक्टेयर से अधिक जमीन बिना मुआवजा दिए अधिगृहीत करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार पर एक करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना 15 सितंबर से पहले महानिबंधक के ऑफि‍स में जमा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद अदालत सरकार का पक्ष सुनेगी।

कोर्ट ने कहा कि अधिकारियों ने भूमि के अधिग्रहण में मनमानी की है।1973 में अधिगृहीत की गई भूमि के राजस्व अभिलेखों में यूपीएसआईडीसी का नाम दर्ज कर लिया गया और किसानों को मुआवजा भी नहीं मिला।

बता दें कि नूर नगर की 48 एकड़ और 57 एकड़ लोनी सहित 108 एकड़ जमीन 1973 में अधिग्रहीत की गई। इसे उ.प्र. राज्य औद्योगिक विकास निगम को दे दिया गया। इसके बावजूद न तो जमीन का मौके पर कब्जा लिया गया और न ही मुआवजा दिया गया। जब किसानों ने जमीन वापसी की मांग की तो कहा गया कि 2013 के एक्ट से अधिग्रहण किया जाएगा।

कोर्ट ने कहा कि औद्योगिक विकास निगम ने जमीन लेने से इनकार कर दिया तो बिना योजना के जमीन अधिग्रहण का सवाल नहीं उठता। सरकार ने जमीन वापस करने से भी इनकार कर दिया। राजस्व अभिलेखों में औद्योगिक विकास निगम में दर्ज हो गया। याचिका की सुनवाई 15 सितंबर को होगी।


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