लालू यादव और राबड़ी देवी को बड़ा झटका, विशेषाधिकार का दर्जा खत्म!
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को एक और झटका लगा है। अघोषित संपत्तियों से जुड़े मामलों में परिवार के सदस्यों पर लगातार सीबीआई, ईडी की छापेमारी के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लालू और उनकी पत्नी राबड़ी देवी को मिला 'विशेषाधिकार' खत्म कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते लालू और राबड़ी को पटना एयरपोर्ट की हवाई पट्टी का डायरेक्ट एक्सेस मिला हुआ था। सीबीआई ने साल 2006 में लालू के रेल मंत्री रहने के दौरान दो होटलों की देखरेख के ठेके के बदले पटना के एक होटल कारोबारी से जमीन लेने के कथित आरोप में एफआईआर दर्ज की है। लालू यादव के अलावा उनके बेटे तेजस्वी यादव समेत सात लोगों को इस मामले में अभियुक्त बनाया गया है। तेजस्वी का नाम एफआईआर में आने के बाद उनपर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है लेकिन लालू यादव और उनकी पार्टी ने साफ कहा है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे।
लालू चारा घोटाले के एक मामले में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं, और अक्टूबर 2013 में उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह इस समय जमानत पर रिहा हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू डोरंडा (रांची) कोषागार से 49 करोड़ रुपये, चाईबासा से 33.60 करोड़ रुपये और देवघर कोषागार से 95 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकालने से संबंधित चारा घोटाले के तीन मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे हैं।