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नोटबंदी : अगर उर्जित पटेल इन सवालो के जबाब देने में रहे नाकाम तो प्रधानमंत्री को बुला सकती है पीएसी

 आलोक मिश्रा |  2017-01-09 10:48:35.0  |  New delhi

नोटबंदी : अगर उर्जित पटेल इन सवालो के जबाब देने में रहे नाकाम तो प्रधानमंत्री को बुला सकती है पीएसी

नई दिल्लीः संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी )नोटबंदी के मुद्दे पर समिति ने वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के गवर्नर को विस्तृत प्रश्नावली भेजी है . यदि वित्त मंत्रालय और रिजर्ब बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल का जबाब संतोषजनक नही रहा तो समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने समक्ष बुला सकती है .

पीएसी ने नोटबंदी को लेकर 20 जनवरी को बैठक बुलाई है. इस बैठक में रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, वित्त सचिव अशोक लवासा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास को उपस्थित होंगे. पीएसी के अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के.वी. थॉमस ने कहा कि हमने जो सवाल उन्हें भेजे थे उनका अभी जवाब नहीं मिला है. वे 20 जनवरी की बैठक से कुछ दिन पहले जवाब भेजेंगे. जो जवाब मिलेंगे उन पर विस्तार से चर्चा होगी.

यह पूछे जाने पर कि यदि जबाब संतोषजनक नही हुए तो क्या समिति प्रधानमंत्री को बुला सकती है ?पीएसी के अध्यक्ष के.वी.थॉमस ने कहा कि समिति को मामले में शामिल किसी को भी बुलाने का अधिकार है . हालांकि यह 20 जनवरी की बैठक पर निर्भर करता है .अगर सभी सदस्य सर्वसम्मति से तय करते है तो हम नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को बुला सकते है .

जो मुख्य सवाल पूछे गये हैं उनमें -निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?, नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है? क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है? अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है? क्या इससे कालेधन की समस्या का समाधान हुआ? अर्थव्यवस्था और गरीब पर इसका क्या असर पड़ा?- आदि शामिल हैं. पीएसी ने नोटबंदी के इस अहम मुद्दे पर खुद ही संज्ञान लिया है. पीएसी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट की जांच परख करती है.

आपको बताते चले कि थॉमस ने बताया कि आठ नवम्बर को नोटबंदी की घोषणा के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी .थॉमस ने बताया कि जब मैं उनसे मिला था तब उन्होंने कहा था कि 50 दिन बाद दिसंबर अंत तक स्थिति सामान्य हो जायेगी .लेकिन ऐसा नही दिखता है . थॉमस ने कहा कि इसलिए समिति ने नोटबंदी के फैसले में शामिल वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को अपने समक्ष बुलाया है . थॉमस ने कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है .

थॉमस ने कहा कि प्रधानमंत्री अपने अहम् के लिए देश को भ्रमित कर रहे है . प्रधानमंत्री अपने गलत फैसले को सही ठहराने की कोशिश कर रहे है .उन्होंने 2,000 रुपये का नॉट जारी कर बड़ी ही संवेदनहीनता के साथ यह कदम उठाया . थॉमस ने सवाल उठाया कि ऐसे देश में जहां कॉल ड्राप की समस्या है . और दूरसंचार सुविधाएं ठीक से नही चल रही है .फिर प्रधानमंत्री किस प्रकार यह उम्मीद कर सकते है कि मोबाइल पर ई लेनदेन हो सकेगा . क्या हमारे पास इसके लिए उपयुक्त ढांचागत सुविधाएं है ?

रिजर्व बैंक गवर्नर, वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को किस तरह के सवाल भेजे गये हैं, इस बारे में पूछे जाने पर थॉमस ने कहा कि पीएसी ने नोटबंदी के हर पहलू को लेकर सवाल पूछे हैं.



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