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यूपी चुनाव के परिणाम के बारे में ज्योतिषियों ने की भविष्यवाणी, जानकर चौंक जायेंगे, नेताओं की नींदहराम

 शिव कुमार मिश्र |  2017-03-08 05:12:51.0  |  लखनऊ

यूपी चुनाव के परिणाम के बारे में ज्योतिषियों ने की भविष्यवाणी, जानकर चौंक जायेंगे, नेताओं की नींदहराम

यूपी समेत पांच राज्यों में चुनाव का दौर लगभग पूरा हो चुका है। राजनीतिक पंडित 'चुनाव काल' की गणना अपने-अपने आधार पर कर अनुमान लगाने लगे हैं। मीडिया भी गली-मोहल्ले रायशुमारी करने में जुटी है। काशी की गलियों में भी ज्योतिष और पंडित सियासत से जुड़े लोगों और पार्टियों के सितारों की चाल पर मंथन कर रहे हैं। ज्योतिषों की मानें तो इन ग्रहों की चाल बता रही है कि मतगणना ऐसा परिणाम लाएगी कि पार्टियों के दिग्गज नेता दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर होंगे।

पूर्वानुमान फेल हो जाएंगे
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के सदस्य के प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय बताते हैं कि 11 मार्च को मतगणना के दिन सिंह राशि में चंद्रमा व राहु की युति से ग्रहण योग होगा। ठीक उसी तरह चुनाव परिणाम पर भी ग्रहण लगेगा जैसे चंद्र ग्रहण लगने पर विभिन्न राशियों के लोगों पर असर पड़ता है। केतु नक्षत्र खास तौर पर प्रभावी होगा, जो आकस्मिक और अनुमान से परे होने वाली घटनाओं का कारक है। ऐसे में सारे पूर्वानुमान और आकलन फेल हो जाएंगे। जिस भी दल या नेता ने वर्चस्व कायम करने का सपना देखा होगा, टूट जाएगा। सभी की खुशियों पर तुषारापात होगा। यह बात अलग है कि किसी पर कम और किसी पर ज्यादा। यूपी समेत 5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर ग्रहों की टेढ़ी चाल का असर दिखना तय है।


अखिल भारतीय विद्वत परिषद के महामंत्री डॉ. कामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि चुनाव जोर पकड़ने से लेकर मतगणना के दिन तक ग्रहों की जो स्थिति है उसके चलते निश्चितरूप से चुनाव परिणाम चौंकाने वाला लेकिन काफी इफेक्टिव और लोकतंत्र के लिए बेहतर होगा। कुर्सी पाने और कुर्सी से बेदखल होने में शनि-राहु ग्रहों की प्रमुख भूमिका होती है। धनु राशि के शनि और चंद्रमा का प्रभाव किसी सूबे में किसी दल के लिए लाभकारी, वहीं दूसरी जगह चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। बेहतर प्रदर्शन से एक-दो दलों का आने वाले समय में सियासी कद बढ़ सकता है। कुल मिलाकर जनता जनार्दन एक बार फिर लोकतंत्र का सिकंदर साबित होगी, इसमे दो राय नहीं है।

चंद्र और राहु करेंगे उलटफेर
ज्योतिष शास्त्री एवं वास्तु सलाहकार पं. दीपक मालवीय के अनुसार नामांकन-प्रचार और परिणाम की घोषणा वाले दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति अलग-अलग हैं। ऐसा बहुत कम होता है। चुनाव की पूरी प्रक्रिया एक ही ग्रह के प्रभाव में पूरी होने से जिस किसी पार्टी या उम्मीदवार का जो प्रभाव पहले दिन, वही अंतिम दिन भी दिखता है। चुनाव परिणाम वैसे ही आते हैं, जैसा जुटने वाली भीड़ को देखकर आकलन होता है। इस बार प्रांरभिक चुनाव प्रक्रिया के दौरान की ग्रहों की स्थिति में काफी परिवर्तन से अप्रत्याशित चुनाव परिणाम आ सकते हैं। यूपी में लखनऊ को जन्मस्थान मान तैयार की गई कुंडली बताती है कि काउंटिंग पर उलट-फेर कराने वाले ग्रह चंद्र और राहु का असर दिखेगा।

आसानी से नहीं बनेगी मिली-जुली सरकार
ज्योतिषी विमल जैन बताते हैं कि नवग्रहों में शनि ग्रह प्रमुख माने गए हैं। शनि का राशि परिवर्तन राजनीतिक उथल पुथल और हलचल कराएगा। आर्श्यजनक एवं चौंकानेवाले चुनाव परिणाम से नए सियासी समीकरण सामने आएंगे। सर्वे धरे के धरे रह जाएंगे। शनि के परिपेक्ष्य में किसी को खुशी मिलेगी तो किसी को मिलेगा गम। आने वाले दिनों में बृहस्पति, राहु व केतु ग्रहों के परिवर्तन का व्यापक प्रभाव भी राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ना तय है। यूपी में त्रिशंकु सरकार की संभावना के बीच सरकार बनाने के लिए कदम बढ़ाने वाली पार्टी को तात्कालिक अवरोध या विरोध का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मिली जुली सरकार भी आसानी से नहीं बन पाएगी।

महिला ज्योतिषाचार्य भी आईं आगे
काशी की जानी-मानी महिला ज्योतिषियों ने भी यूपी के नेताओं के कुंडली बताई। लेकिन वे तय नहीं कर सकीं कि सत्ता का ताज कौन पहनेगा। ज्योतिष विदुषी परिषद के बैनर तले महिला ज्योतिष मीडिया से रू-ब-रू हुईं। ज्योतिषाचार्य सोनाली रक्षित का मत था यूपी में किसी दल को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना कम है। चुनाव में जीतने वाले प्रत्याशी युवा वर्ग, बुद्धिजीवी एवं शासकों के द्वारा समर्थित होंगे। बड़े बैनर वाले उम्मीदवरों को लाभ मिल सकता है। संस्था की महासचिव स्वाति बरनवाल, ज्योतिषाचार्य डॉ. आभा यज्ञसेनी, अंजनी सोनी सबसे बड़े दल के रूप में उभरने वाली पार्टी के मामले में एक मत नहीं हैं। डॉ. रामेश्वर ओझा और कांति ओझा का कहना था कि शुक्र के वक्री होने के कारण यूपी चुनाव में महिला प्रत्याशी का प्रभाव नहीं रहेगा।

 विकास पाठक की रिपोर्ट

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