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योगी की सरकार ने उतारे मंदिर से माइक, बोले नहीं बजने देंगे भजन अब रमजान है?

हिंदूवादी नेता क्यों नहीं हुए सुनकर हैरान?

 शिव कुमार मिश्र |  2017-05-28 03:40:41.0  |  मुरादाबाद

पिछली सरकार में जिस कदम का भरसक प्रयास होता था अब वही कम उत्तर प्रदेश में योगी सरकार में भी हो रहा है. नवरात्र में सबको अपने अपने धर्म की सबको छूट दे दी गयी है पर रमज़ान में हमारे मंदिरों से लाऊडस्पीकर उतारने का आदेश खुद योगी प्रशासन द्वारा जारी किया गया है जिसका शिकार कोई और नहीं बल्कि खुद उन्ही की हिन्दू युवा वाहिनी का कार्यकर्त्ता बना है और दूसरा शिकार बनी है प्राथमिकता में रखी गयी औरतें . यह आदेश जब पिछली सरकार ने लागू किया था तो हिन्दू वादी नेताओं ने आन्दोलन बना दिया. कहाँ है वो वीर सूरमा हिन्दू वादी नेता?

मुरादाबाद जिले का जो पश्चिम उत्तर प्रदेश का मुख्य शहर माना जाता है और दुनिया में पीतल नगरी के नाम से मशहूर है .मुरादाबाद के कुंदरकी में एक मंदिर है जो क्षेत्र में वैष्णो मंदिर के नाम से जाना जाता है . इस मंदिर में भजन आरती के लिए लाऊडस्पीकर लगे हैं जिन से सुबह शाम भजन आदि बजाया जाता है और जिस पर स्थानीय हिन्दुओं को कोई आपत्ति नहीं थी .


युवा वाहिनी के मीडिया प्रभारी समेत पांच को जेल?
जिससे आरक्षी ललित कुमार, पूजा राठी, रीना घायल हो गई। सूचना पाकर सीओ महेश कुमार मौके पर पहुंच गए और पुलिस ने जमीन पर लाठीयां भांज कर भीड को मौके से हटाकर स्थिति को संभाला और घार्मिक स्थल पर अवैघ रूप से लगे पांच लाउडीस्पीकरों को हटाकर अपने कब्जे में ले लिए और मौके पर मंदिर कमेटी की प्रबंघक अनुराघा शर्मा उसकी बेटी अनुप्रिया शर्मा, बेटा एंव युवा वाहिनी के मीडिया प्रभारी अनुज औतार शर्मा को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लेने पर हिरासत में लिए गए तीनों ने और उनके परिचित्त लोगों ने पुलिस बल को लूट व बलत्कार आदि झूठे मुकदमों में फंसाने की घमकी भी दी.

पुलिस हिरासत में लिए गए मंदिर कमेटी के प्रबंघक और उसकी बेटी और बेटी को हिरासत में लेकर थाने ले आई और तीनो के खिलाफ नामजद व पांच लोगों के खिलाफ धारा 147/148/353/332/336/153a/323 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर अदालत में पेश किया वंहा से उन्हें जेल भेज दिया गया। लाउडीस्पीकर उतारने और महिलाओं को हिरासत में लेने से नगर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई.

पुरानी है कहानी?
मोहल्ला सादात पश्चिमी में दो धार्मिक स्थलों पर लाउडीस्पीकर का मामला होने से दो पक्ष के लौगो में तनाव की स्थिति बनी रहती है. नगर के मोहल्ला सादात पश्चिमी स्थित दो समुदाय के लोगों के धार्मिक स्थल पचास पचास मीटर की पर बने हुए हैं तथा दोनों धार्मिक स्थलों पर लाउडीस्पीकर लगाने को तनातनी बनी रहती है. लाउडीस्पकीर की तनातनी को लेकर दोनो पक्षो के खिलाफ पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. जिससे दोनो पक्षों में और तनाव बढ गया था.

मुकदमा दर्ज होने के विरोघ में एक पक्ष ने रामलीला मंचन बंद कर दिया और पुलिस से मुकदमा वापस लेने की मांग की थी. पुलिस ने दोनो पक्षो के बीच लाउडीस्पीकर लगाने के मामले में 9 सितंबर को समझौता करा दिया था समझौते में वर्ष 2011 की स्थिति के अनुसार दोनो पक्षो ने मंदिर पर एक लाउडीस्पीकर और मस्जिद पर पांच लाउडीस्पीकर लगने तथा बिना शासन की अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नही करेगा तथा नमाज के वक्त दूसरा पक्ष लाउडीस्पीकर की अवाज बंद करने पर सहमति हो गई थी.

पुलिस का कहना है की लाऊडस्पीकर बिना अनुमति के लगाया गया था पर पुलिस के पास हिन्दुओं के अलावा अन्य किसी भी मजहब का पूरा लेखा जोखा शायद ही मिल पाए की कहाँ अनुमति से बजता है और कहाँ बिना अनुमति के ? गिरफ्तार लोगों को 147, 148, 353, 332, 336, 323, 153 A जैसी गंभीर धाराओं में बुक कर के जेल में डाल दिया गया है . मंदिर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है .

रिपोर्ट : सागर रस्तोगी

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