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तो पुलिस छोड़ दो 'लव', इस सच्चाई को जरुर पढ़ें जब एसएसपी के बंगले पर हुआ हमला!

 शिव कुमार मिश्र |  2017-04-22 17:33:33.0  |  सहारनपुर

तो पुलिस छोड़ दो लव, इस सच्चाई को जरुर पढ़ें जब एसएसपी के बंगले पर हुआ हमला!

2011 से अब तक आईपीएस लव कुमार ने सोशल साइट फेसबुक पर 32 बार अपनी प्रोफाइल पिक में बदलाव किया है , जिनमे उन्होंने चार बार अपनी फोटो लगाई है और 28 बार अपने बच्चो की ,उनके दो बच्चे है एक बेटी और एक बेटा ,बेटी रुंजुन बड़ी है , बेटी 8 साल की है और बेटा 6 का, मैं लिखने की हिम्मत नही जुटा पा रहा हूँ हो सकता है आप पढ़ने की ना जुटा पाएं , सड़क दुधली में बवाल के बाद आततायीओ की भीड़ ने सहारनपुर के एसएसपी के आवास पर हमला बोल दिया ,एसएसपी बहुत बड़ी ताकत होता है.


इतनी कि जिले के बड़े बड़े गुंडे की पिंडली कांपने लगती है. जी हाँ लव कुमार भी ऐसे ही है,ईमानदार और निष्पक्ष,मगर आज गुंडों की पीठ पर खद्दर का हाथ था. भीड़ आवास तक चली गयी ,कहाँ है कप्तान !आज साहब भी नही लगा. एक अखबार लिखता है कि कप्तान साहब की पत्नी सहम गयी दोनों बच्चो को खुद से चिपटा लिया और बंगले के पीछे गाय के पास जाकर बैठ गयी. बच्चे छोटे तो है मगर नासमझ नही है ,सब समझते है ,कम से कम प्यार और नफरत तो जरूर समझते है. बंगले पर फ़ोर्स भी नही थी,और कप्तान भी नही, सर्विलांस सेल के दारोगा ने कप्तान की जान में बसने वाले रुंजुन और उसके भाई को सुरक्षित किया. महिला को सबसे ज्यादा कष्ट अतिक्रमण देता है उसके शौहर की मर्जी के बिना घर घुसने का अतिक्रमण उसे हिला कर रख देता है.


संयोग से उनकी पत्नी का नाम 'शक्ति 'है , वो अडिग रही निर्भीक ,मगर बच्चे !उनकी चीख निकल गयी, शक्ति जब कमजोर होती है तो माँ बन जाती है. लव कुमार एक बेहद काबिल है मुरादाबाद और अलीगढ में उनके काम की समीक्षा कीजिये आप समझ जाएंगे. आईपीएस अफसर की ताकत का अंदाजा आपको होगा ही. तब आप उनकी तकलीफ समझ लीजिए. जब आईपीएस चुने गए. उन्हें यूपी कैडर मिला, कंधे पर आईपीएस लिखा गया. उनके परिजनों का गर्व और पूरे अमरोहा में जश्न मना था. तब आप कैसा महसूस करते है कि खद्दर के पीछे छिपे गुंडे एक पुलिस कप्तान के घर में घुसकर 'निकल बाहर ' का नारा लगा देगें.


समझ नही पा रहा हूँ कि यह सब हुआ कैसे,सहारनपुर के एसएसपी के घर पर हमले की खबर जब उनके घरवालों तक पहुंची होगी तो उन्होंने पुलिस अफसर बनने के उनके पहले दिन को याद किया होगा या नही. यह बात भी मुझे विचलित कर रही है कि पुलिस कप्तान ने अपनी अर्द्धगिनी से नजर कैसे मिलाई होगी. मेरा यकीन है कि इस रात दोनों बच्चे पिता से चिपक कर सोएँ होंगे ,मगर' लव ' वो कैसे सो सकते है . भावनाएं फ़र्ज़ से बड़ी नही होती, भारत की राजनीति अपने निरकृष्टम दौर में है. जहाँ न्याय अन्याय की बात बेमायने की लगती है. ऊँगली रखकर कोई बता दे एसएसपी की कोई गलती हो तो बस उन्होंने खाकी का मान बढ़ाया. घरों को उजड़ने से बचा लिया. रक्तरंजित करने का मंसूबा पालने वालो के बीच वो चट्टान की मानिद अड़ गए. कलेजा मुंह को आ रहा है,कभी कभी सोचता हूँ उनकी पत्नी ने क्या कहा होगा. आईपीएस समूह क्या कर रहा होगा. संत सीएम का क्या रुख होगा और मैं क्या क्र सकता हूँ बस दुआ कर सकता हूँ.

आस मोहमद कैफ की कलम से

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शिव कुमार मिश्र

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