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जानें क्यों आशीष नेहरा ने सौरभ गांगुली से कहा, 'दादा, आप डरो मत, मैं हूं न'

Ekta singh
3 Nov 2017 3:08 PM IST
जानें क्यों आशीष नेहरा ने सौरभ गांगुली से कहा, दादा, आप डरो मत, मैं हूं न
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भारत के पूर्व क्रिकेटर हेमांग बदानी ने आशीष नेहरा के बारे में एक रोचक किस्सा अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है.

नई दिल्ली: 1 नवंबर को आशीष नेहरा ने 18 साल तक क्रिकेट खेलने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 खेलकर क्रिकेट को अलविदा कह दिया. टीम इंडिया ने भी उनको शानदार विदाई दी. सोशल मीडिया पर भी उनके कई साथी खिलाड़ियों ने उनको भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी. सभी ने अलग-अलग तरह से आशीष नेहरा को क्रिकेट से अलविदा कहा.

भारत के पूर्व क्रिकेटर हेमांग बदानी ने आशीष नेहरा के बारे में एक रोचक किस्सा अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया है. हेमांग बदानी ने बताया है कि 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ एक मैच के दौरान कप्तान सौरव गांगुली को आशीष नेहरा ने कहा था कि 'डरो मत दादा.'

2004 में भारत पाकिस्तान में वनडे सीरीज खेलने गया था. उस वक्त आशीष नेहरा चोटों से गुजर रहे थे. लेकिन उनकी चोट का असर फॉर्म पर नहीं पड़ा. पूरी सीरीज में उनकी शानदार परफॉर्मेंस रही. कराची वनडे में जब टीम इंडिया ने 350 प्लस का टार्गेट पाकिस्तान को दिया तो लग रहा था टीम इंडिया आराम से मैच जीत जाएगा.

लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज मोइन खान की शानदार बल्लेबाजी के चलते मैच रोमांचक मोड़ की तरफ बढ़ गया. उस वक्त सभी को लग रहा था कि मैच टीम इंडिया के हाथ से निकल गया. आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 10 रनों की दरकार थी.


सौरव गांगुली को समझ नहीं आ रहा था कि वो किसे बॉल कराए. क्योंकि सभी बॉलर बुरी तरह पिट चुके थे. उसी वक्त बाउंड्री से आशीष नेहरा सौरव गांगुली के पास आए. सौरव गांगुली उस वक्त बहुत टेंशन में थे. आशीष नेहरा ने उनकी टेंशन शांत करते हुए बोला कि 'दादा मैं डालता हूं... आप डरो मत... मैं मैच विन करके दूंगा.' जिसके बाद आशीष नेहरा ने आखिरी ओवर डाला और न सिर्फ उन्होंने मोइन खान को आउट किया बल्कि सिर्फ 3 रन देकर टीम इंडिया को मैच जिताया.

बता दें कि बदानी ने अपनी इस वीडियो का कैप्शन लिखा है जिस व्यकित ने कहा था दादा डरो मत वह खुद दादा निकला। लड़ने की क्षमता और बड़ा दिल है. आपको रिटायर लाइफ के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं. आपने भारतीय ध्वज को देश के लिए खेलकर हमेशा उच्च स्थान पर रखा है.

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