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बिहार में बीजेपी ने नीतीश से सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूला किया तय, जदयू माना, चिराग से बातचीत शुरू, उपेंद्र को किया किनारे

बिहार में सीट शेयरिंग पर बार बार उठे सवाल पर अब विराम लगता नजर आ रहा है. मिल रही जानकारी के मुताबिक़ तय फ़ॉर्मूला पर बनी बात.

 Special Coverage News |  2018-09-18 02:03:04.0  |  पटना

बिहार में बीजेपी ने नीतीश से सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूला किया तय, जदयू माना, चिराग से बातचीत शुरू, उपेंद्र को किया किनारे

बिहार में लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूला पर उठ रहे सवाल पर अब विराम लगता नजर आ रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले को आगे नहीं बढाते हुए जल्द ही इससे निजात पाने के मूड में थे ताकि पार्टी में उठ रहे सवाल बंद हो. इन सब पर दो दिन दिल्ली में रहकर साफ़ कर दिया. नीतीश को इस फ़ॉर्मूला को अभी जल्द सार्वजनिक नहीं करने की हिदायत भी दी गई है ताकि किसी तरह की कोई गलतफहमी न पैदा हो और अन्य सहयोगी दल भी नाराज न हो.


हालांकि सीएम नीतीश कुमार जदयू की कार्यकारिणी की बैठक में यह खुलासा कर दिया है कि बीजेपी से सीट शेयरिंग समझौता हो चुका है. उन्हें समझौते में सम्मानजनक सीटें मिलेंगी. समय आने पर आप लोंगों को भी जानकारी मिल जाएगी. नीतीश कुमार से बातचीत तय होने के बाद बीजेपी ने अपने दुसरे बड़े सहयोगी दल लोक जन शक्ति पार्टी के युवा नेता चिराग पासवान से बातचीत शुरू कर दी है. इसके भी सार्थक परिणाम आने की उम्मीद है.


जबकि उनके तीसरे सहयोगी दल रालोसपा के साथ अभी कोई ठोस रणनीति बनती नजर नहीं आ रही है. सूत्रों से नील रही जानकारी के अनुसार उनको अब तक साइड लाइन रखा गया है ताकि उनका मनोबल गिरे और जो सीटें फ़ॉर्मूला के तहत उनको मिल सकती है तो उन पर लोकसभा चुनाव 2019 में लड़ने को राजी हों. समय समय पर दिए गए सरकार विरोधी बयान इस में रोड़ा बने हुए है और बिहार में उनका नीतीश विरोध भी इसके आड़े आ रहा है.


हालाँकि जिस फ़ॉर्मूला के तहत बंटवारा हो रहा है उसमें चिराग पासवान से भी बातचीत बनना लगभग तय है. क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में भी लोजपा सात सीटों पर चुनाव लड़ी थी जिसमें उसने मोदी लहर के चलते छह सीटों पर विजय हासिल की थी.


उधर रालोसपा नेता को फ़ॉर्मूले के तहत सिर्फ दो सीटें ही मिलती नजर आ रही है जिस पर उनका रूठना वाजिब है. क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी तीन सीटों पर चुनाव लड़ी थी. उनकी भी अब आकांक्षा बड़ी हुई है. ऐसे में अब देखना यह होगा कि उनकी खीर किस तरफ बनेगी और किसके साथ खायेगें.


अब देखिये पहले सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूला


स्पेशल कवरेज न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक़ सीट शेयरिंग फ़ॉर्मूले के तहत 20 -20 के तहत बातचीत आगे बढ़ी जो परवान चढती नजर आ रही है. हालांकि अभी इसको सार्वजनिक करने के लिए सबको मना किया गया है ताकि कोई सहयोगी दल पैनिक न हो. जिससे आपसी मतभेद हों रोजाना इस पर बहस हो.


बिहार की 40 सीटों में 20 पर बीजेपी का दावा है. जेडीयू के साथ पर्दे के पीछे हुई बातचीत में 14 सीटें देने पर सहमति बनी. बीजेपी लोजपा को चार सीटों का प्रस्ताव करेगी और दो सीटें उपेंद्र कुशवाहा के लिए छोड़ेगी.

हालांकि प्लान बी के कारण नीतीश ने भी संख्या बताने से परहेज किया. नीतीश कुमार ये चाहते हैं और बीजेपी में इसका आभास है कि उपेंद्र कुशवाहा तेजस्वी यादव के साथ विपक्षी खेमे में भी 'खीर' पकाएंगे. ऐसी स्थिति में जो दो सीटें हैं वो एक-एक नीतीश और राम विलास की पार्टी के खाते में चली जाएगी.

यानी बीजेपी 20, जेडीयू 15 और लोजपा 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. कुशवाहा पर पशोपेश के कारण ही बीजेपी ने नीतीश कुमार को सख्त हिदायत दी है कि सीटों की संख्या के बारे में कोई सार्वजनिक टिप्पणी न की जाए.


नीतीश कुमार ने इस समझोते के तहत ही अगली तैयारी शुरू कर दी है. उन्होंने इसके संकेत कार्यकारिणी की बैठक में भी दिए है और कहा भी है कि आप पैनिक मत होइए आपको सम्मान जनक सीटें मिलेंगी. समय आने पर इसका खुलासा हो जायेगा.

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