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रेल यात्रियों के अच्छे दिन: चार्ट बनने के बाद भी मिलेगा ई-टिकट

 Special News Coverage |  4 Oct 2015 10:08 AM GMT

irctc

नई दिल्ली : भारतीय रेलवे अब ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि ट्रेन का चार्ट तैयार होने के बाद भी कंप्यूटर के जरिए ई-टिकट खरीदा जा सकेगा। मौजूदा व्यवस्था में यह संभव नहीं था। मौजूदा सिस्टम में बदलाव करने के लिए क्रिस से कहा गया है ताकि वह सॉफ्टवेयर में जरुरत के मुताबिक बदलाव कर सके।

इंडियन रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि क्रिस जैसे ही सॉफ्टवेयर में बदलाव करेगा, नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि क्रिस यह काम दो माह में पूरा कर लेगा। इस बदलाव का रेलवे को भी फायदा होगा और खाली जाने वाली सीटें भी भरकर जाएंगी। अभी ट्रेनों का चार्ट ट्रेन चलने से लगभग तीन-चार घंटे पहले तैयार हो जाता है।


ऐसे में चार्ट बनने और ट्रेन चलने के बीच जो पैसेंजर टिकट रद्द कराते हैं, उसके बारे में तभी पता चल पाता है, जब रेलवे स्टेशन के करंट काउंटर पर जाया जाए। ऐसे में कई बार सीट होते हुए भी लोगों को पता ही नहीं चल पाता कि ट्रेन में सीट है। इसका फायदा ऐसे लोग उठाते हैं, जिन्हें इस सिस्टम के बारे में पता होता है। नई व्यवस्था होने पर कोई भी देख सकेगा कि ट्रेन में सीट खाली है और वह टिकट भी खरीद सकेगा।

और जिनके पास टिकट ना हो

एक तरफ टिकट काउंटर पर लंबी लाइन और दूसरी ओर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन। टिकट लेना भी जरूरी है मगर इस फेर में ट्रेन छूटने की टेंशन भी है। ऐसी दुविधा लगभग हर यात्री के सामने अक्सर आती है। अब ये दिन गए, ऐसे दिन आ रहे हैं जो यात्रियों के लिए टिकट के मामले में बेहद राहत भरे हैं। उन्हें टिकट विंडो पर लंबा इंतजार नहीं करना होगा। ट्रेन का टिकट ट्रेन में ही मिल जाएगा। फिलहाल, सुपरफास्ट ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। जल्द ही बाकी ट्रेनों में भी यही व्यवस्था होगी। इसके लिए टीटीई को टिकट शीन (हैंड-हेल्ड) मिलनी शुरू हो चुकीं हैं।

रेलवे ने प्रथम चरण में सुपरफास्ट ट्रेन लखनऊ मेल, गरीब रथ, अर्चना सुपरफास्ट, राजधानी सुपरफास्ट आदि के टीटीई को हैंड-हेल्ड मशीन दी है। मशीन रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) सर्वर से कनेक्ट रहेगी। इससे ट्रेन के हर कोच में खाली बर्थ और किस स्टेशन पर मुसाफिर उतरेगा, इसकी जानकारी मिलती रहेगी।



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बिना टिकट लिए ट्रेन में चढ़ने वाले यात्री सीधे टीटीई से मिलेंगे। तय किराये से दस रुपये अतिरिक्त लेकर टीटीई इसी मशीन से टिकट देंगे। इसके अलावा मशीन के जरिये ही वेटिंग टिकट वाले मुसाफिरों को बर्थ खाली होते ही मिल जाएगी।

टीटीई की अतिरिक्त कमाई खत्म
ट्रेन छूटने की जल्दी में सवार होने वाले मुसाफिरों से टीटीई और स्क्वायड के सिपाही मनमाना जुर्माना एवं रुपयों की वसूली करते हैं। इसके साथ ही वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को बर्थ न होने की बात कहकर बर्थ नहीं देते थे। मगर हैंड-हेल्ड मशीन से यात्री भी अपनी बर्थ की पोजीशन देख सकेंगे। यात्री को ट्रेन में सवार होते ही टीटीई को बताना होगा कि उसने टिकट नहीं लिया है।

मशीन से टिकट बनवाना है। चेकिंग के दौरान यदि टीटीई ने बिना टिकट पकड़ा तो जुर्माना पड़ेगा। इसीलिए टीटीई को हैंड-हेल्ड मशीन दी जा रही हैं। सुपरफास्ट ट्रेनों में यात्री सवार होने के बाद भी टीटीई से टिकट ले सकेंगे।

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