Home > Archived > सीटू : न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए

सीटू : न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए

 Special News Coverage |  12 April 2016 6:57 AM GMT

सीटू : न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपए किया जाए

नई दिल्ली: ट्रेड यूनियन ने सभी के लिये न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किये जाने की मांग की है। केंद्रीय श्रमिक संगठन सीटू ने ठेका श्रमिक नियमों के मसौदे की कड़ी आलोचना की है। ठेका श्रमिक (नियमन एवं उन्मूलन) केंद्रीय नियम 1971 के कुछ प्रावधानों में संशोधन की बात कही गई है। श्रम मंत्रालय ने इस पर संबद्ध पक्षों की राय लेने के लिये 30 मार्च को इसे जारी किया।

सीटूने मांग की है कि मजदूरों के वेतन को बढ़ाकर न्यूनतम 18 हजार रुपए किया जाना चाहिए और ईपीएफ योजना को 20 की बजाय 10 मजूदरों पर लागू किया जाएस। मिड डे मील, आंगनबाड़ी आशा वर्कर्श को नियमित किया जाए। ठेके पर मजूदरी को रखना बंद किया जाए और मजदूरों को पक्का रोजगार दिया जाए। बीएसएनएल, बीमा, बैंक अन्य सरकारी उपक्रमों को बेचना बंद किया जाए। इसके अलावा असंगठित मज़दूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।


संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार पर मजदूर विरोधी पूंजीपरस्त होने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेताया है अगर केंद्र सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव बंद किया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में सीटू के राज्य सचिव विजेंद्र मेहरा के अलावा प्रदेशाध्यक्ष जगतराम, कोषाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, इंटक राज्य महासचिव बीएस चौहान, सीटू नेता बाबू राम, बालक राम, उमा देवी, पवन शर्मा, रिंकु राणा समेत कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

ठेका कर्मचारियों के लिये न्यूनतम वेतन 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। ट्रेड यूनियन ने सभी के लिये न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किये जाने की मांग की है।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Share it
Top