Breaking News
Home > Archived > जानिए माल्या नहीं ये हैं देश के सबसे बड़े डिफॉल्टर

जानिए माल्या नहीं ये हैं देश के सबसे बड़े 'डिफॉल्टर'

 Special News Coverage |  8 April 2016 10:50 AM GMT

जानिए माल्या नहीं ये हैं देश के सबसे बड़े 'डिफॉल्टर'

नई दिल्ली: बैकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुकाने के बाद विदेश भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या देश के सबसे बड़े विलफुल डिफॉल्टर नहीं है। बैंकों के कर्ज पर नजर रखने वाली एजेंसी सिबिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में विजय माल्या से भी बड़े डिफॉल्टर मौजूद हैं। इन्होंने बैंकों को हजारों करोड़ रुपए का चूना लगाया है। माल्या का इस लिस्ट में चौथा नंबर है।

व्यक्ति या कंपनी जिसके पास लोन चुकाने लायक रकम हो, लेकिन वह बैंक की किश्त अदा नहीं करे और बैंक उसके खिलाफ अदालत में चला जाए। ऐसा व्यक्ति या कंपनी विलफुल डिफॉल्टर कहलाता है।


रिपोर्ट के मुताबिक, हीरों के कारोबार से जुड़ा विंसम ग्रुप देश का सबसे बड़ा विलफुल डिफॉल्टर है। इस कंपनी का पूरा नाम विंसम फॉरेवर प्रिशियस ग्रुप है। सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ग्रुप ने देश के बैंकों का करीब 3969 करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुकाया है। बैंकों ने इस ग्रुप के खिलाफ कई मुकदमें दायर किए हैं। विंसम ग्रुप के प्रमोटर जतिन मेहता माल्या की ही तरह 3 साल पहले विदेश भाग चुके हैं।

दूसरा नाम जूम डेवलपर्स का है। इस ग्रुप पर बैंकों का करीब 1911 करोड़ रुपए बकाया है। बैंकों ने इस ग्रुप के प्रमोटर्स और कंपनी के खिलाफ करीब 10 मुकदमें दायर किए हैं। इस समूह ने देश के 26 सरकारी बैंकों से करीब 3002 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इस समूह के प्रमोटर्स और अन्य लोग भारत और विदेश में हैं।

तीसरा नाम एस कुमार्स ग्रुप का आता है। नितिन कल्सीवाल की इस कपंनी पर बैंकों का 1789 करोड़ रुपए का बकाया था। इस ग्रुप के रीड एंड टेलर्स ब्रांड पर ही बैंकों का करीब 496 करोड़ रुपए का बकाया है। इसके अलावा इसके अलावा ग्रुप की अन्य कंपनियों पर देनदारी है। अकेले आईडीबीआई बैंक का ही इस ग्रुप ने 960 करोड़ रुपए का कर्ज नहीं चुकाया है।

पर्ल पिक्सन एंड सेन्चुरी कम्युनिकेशन कंपनी भी देश के बड़े विलफुल डिफॉल्टर में शामिल है। इस ग्रुप के प्रमोटर प्रबोध कुमार तिवारी और अभिषेक तिवारी पर करीब 1226 करोड़ की देनदारी है। बैंकों ने इस समूह की कंपनियों के खिलाफ 14 मुकदमें दायर किए हैं। इस ग्रुप की अन्‍य कंपनियों में पर्ल स्टूडियो, पिक्सन विजन, पिक्सन मीडिया और पर्ल विजन सेन्चुरी शामिल है।

विजय माल्या देश के सबसे चर्चित और हाई प्रोफाइल विलफुल डिफॉल्टर हैं। उनके ग्रुप पर देश के करीब 17 बैंकों का 9000 करोड़ रुपए बकाया है। हालांकि, वह सिर्फ एसबीआई के 1201 करोड़ और पीएनबी के 597 करोड़ रुपए के डिफॉल्टर हैं। इन दोनों को जोड़ दिया जाए तो डिफॉल्ट की यह राशि 1789 करोड़ ही ठहरती है। दअरसल बहुत से बैंकों ने माल्या के खिलाफ अब भी अदालत का रुख नहीं किया है। इसके चलते उनके लोन के मामले में माल्या अब भी विलफुल डिफॉल्टर नहीं घोषित हो पाए हैं।

देश का प्रमुख पब्लिकेशन समूह डेक्कन क्रॉनिकल भी विलफुट डिफॉल्टर्स की लिस्‍ट में शामिल हैं। इस समूह पर बैंकों का करीब 991 करोड़ रुपए बकाया है। यहीं नहीं बैंक लोन फ्राड के मामले में डेक्‍कन क्रॉनिकल के चेयरमैन टी वेंकटराम रेड्डी को पिछले साल फरवरी मे गिरफ्तार किया गया था। केनरा बैंक समेत देश के कई बैंकों ने इस समूह के खिलाफ मुकदमा किया हुआ है। डेक्कन क्रॉनिकल डिफॉल्‍ट मसले में आरबीआई ने दो साल पहले देश के 12 बैंकों पर 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it
Top