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मोदी आये तो इंतजार और न आये तो बहार, चुनाव नतीजों के बाद ही पता चलेगा कि किस करवट बैठेगा रियल एस्टेट सेक्टर का ऊँट!

 अश्वनी कुमार श्रीवास्त� |  17 May 2019 10:05 AM GMT  |  लखनऊ

मोदी आये तो इंतजार और न आये तो बहार,  चुनाव नतीजों के बाद ही पता चलेगा कि किस करवट बैठेगा रियल एस्टेट सेक्टर का ऊँट!
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मोदी सरकार एक बार फिर लौटेगी या उसकी विदाई हो जाएगी, यह जानने के लिए 23 मई का इंतजार देशवासी तो कर ही रहे हैं, देश का रियल एस्टेट सेक्टर भी बड़ी बेताबी से कर रहा है। उसकी यह बेताबी लाजिमी भी है क्योंकि देश का रियल एस्टेट सेक्टर 2015 से लेकर 2018 तक जिस बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरा है, वह मोदी सरकार की ही देन रही है। इस दौरान केंद्र सरकार की हर कार्यवाही या नीतिगत फैसलों ने सबसे ज्यादा चोट रियल एस्टेट सेक्टर को ही पहुंचाई। काले धन और बेनामी सम्पति के खिलाफ शुरू की गई मुहिम, नोटबंदी, जीएसटी की भारी भरकम दर और रेरा के कठोर कानून, ये सब सरकारी कदम प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट सेक्टर को ही नुकसान पहुँचाते रहे।

हालांकि जाते जाते 2019 में मोदी सरकार ने जीएसटी की दरें कम करके पांच साल तक रियल एस्टेट सेक्टर में किये गए अपने सभी सितम का गम हल्का करने की कोशिश जरूर की मगर ऊंट के मुंह मे जीरा की तरह बेहद देरी से की गई यह मामूली कार्यवाही रियल एस्टेट में कोई तगड़ा उछाल लाने के लिए नाकाफी ही रही।

ज़ाहिर है, 23 मई को मोदी सरकार की अगर वापसी होती है तो रियल एस्टेट जगत इसे अपने लिए अच्छा या बुरा, कुछ भी मानने से पहले एक बार फिर खामोशी से कुछ अरसे तक इंतजार करेगा...

यह जानने के लिए मोदी या भाजपा सरकार अपनी दूसरी पारी में कौन सा रूप दिखाती है...पांच साल तक रियल एस्टेट उद्योग को तबाह करने का अपना रौद्र रूप...या जाते जाते जीएसटी की दरें काफी ज्यादा घटा कर रियल एस्टेट में तेजी लाने की पुरजोर कोशिश करने वाला सौम्य रूप।

इस कारण, मोदी सरकार की वापसी की खबर से रियल एस्टेट उद्योग को कोई खुशी मिलेगी और इससे यहां कुछ तेजी आएगी या फिर कुछ सदमा पहुंचेगा और रियल एस्टेट सेक्टर धड़ाम हो जाएगा, इन दोनों में से कोई भी एक निष्कर्ष निकालना अभी कुछ जल्दबाजी होगी। जीत की सूरत में मोदी जी की नई सरकार के गठन के चंद माह बाद ही रियल एस्टेट उद्योग का भविष्य पता लग पायेगा, जब सरकार इसको लेकर फिर से अपना रुख साफ करेगी।

दूसरी तरफ, अगर कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए या फिर किसी क्षेत्रीय दल के नेतृत्व में विपक्षी दलों की सरकार बनती है तो 23 मई के बाद अचानक ही देश के रियल एस्टेट बाजार में जबरदस्त उछाल आना तय है। गौरतलब है कि पिछले तीन चार बरसों से रियल एस्टेट बाजार के निवेशक मोदी सरकार की इस सेक्टर से बेरुखी को देखते हुए इस बाजार में पैसा लगाने से कतराते रहे हैं तो खरीदार भी कीमतें और कम होने की आस में बहुत ही सब्र के साथ इंतजार करते रहे हैं।

मोदी सरकार की विदाई होते ही निवेशक बेहिचक एक बार फिर इसी सेक्टर में कमाई के लिए निवेश करने में जुट जाएंगे। निवेशकों का पैसा इस बाजार में वापस आते ही एक बार फिर यहां कीमतों का बढ़ना शुरू हो जाएगा, जिससे मजबूर होकर कम कीमतों के इंतजार में बैठे खरीदार भी जल्द से जल्द खरीद फरोख्त में जुट जाएंगे।

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