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क्या कोई बता सकता है कि 2 अप्रैल का भारत बंद किस संगठन, या संगठनो के समूह, ने बुलाया था?

दूसरी बात, क्या कोई बता सकता है, कि 10 अप्रैल का भारत बंद किस संगठन, या संगठनो के समूह, ने बुलाया है?

 शिव कुमार मिश्र |  2018-04-05 07:48:13.0  |  दिल्ली

क्या कोई बता सकता है कि 2 अप्रैल का भारत बंद किस संगठन, या संगठनो के समूह, ने बुलाया था?

भीम सेना या किसी आल्तू-फाल्तू सवर्ण संगठन का नाम मत लेना। इस तरह की सेनाएं और संगठन, सत्तापक्ष रोज़ बनाता और बिगाड़ता है। मुझे पत्रकारिता और राजनीती में 30 साल हो गये। कई बड़े-बड़े, 'सच्चे' भारत बंद देखे, जिन्हे trade unions, पोलिटिकल पार्टीज़ ने बुलाया। आजकल के युवाओं ने कभी भारत बंद देखा ही नही। उन्हे इसकी गम्भीरता का एहसास नही है। इसी लिये, इस तरह के 'बेनाम-फर्जी भारत बंद' के चक्कर मे आ जाते हैं।

2 अप्रैल को जो हुआ, क्या वो भारत बंद था? किस शहर की कितनी दुकाने बंद हुईं? कुछ जगह दलित ऐक्टिविस्ट निकले, एक-आध जगह, हल्का-फुल्का प्रोटेस्ट हुआ--कोई बड़ा दलित नेता जेल गया? प्रकाश अम्बेडकर ने गिरफ़्तारी दी?
2 अप्रैल को भाजपा ने साज़िश रची। दलित बनाम अन्य--सब जानते हैं कि SC-ST ऐक्ट में खामियां हैं। खुद मायावती ने संशोधन की बात कही। उसपे विधेयक भी आया। फिर भी गोदी मीडिया के द्वारा प्रचारित कराया गया जैसे सुप्रीम कोर्ट, इस ऐक्ट को ही खत्म करने जा रहा है! सवर्णो को उकसाया गया। और वो उकसावे में आ भी गये!
2 अप्रैल को जो सच्चे दलित सड़क पर निकले, उनको पोलिस ने थाने मे बंद कर-कर के मारा। भाजपा के गुंडो ने, कई जगह, 'दलित' बनकर दलितों की हत्याएँ की। फिर एक-आध सवर्ण को भी गोली मार दी। जिससे यह लगे कि बहुत बड़ा दलित बनाम सवर्ण clash हो गया। जबकि ऐसा कुछ भी नही हुआ। मैने कई पोस्टों मे यह बात प्रमाण सहित प्रस्तुत की।
मेरी दलित ऐक्टिविस्टज़ से अपील है। इतने छोटे मुद्दे को 'आस्तित्व की लड़ाई' न बनाये। भाजपा के trap में मत फसिये। मेरी सवर्ण युवाओं से अपील है--यह कोई आरक्षण खत्म करने की लड़ाई है ही नही! भाजपा चुनाव के नजरिये से दलित बनाम सवर्ण लड़ाई करवाना चाहती है। तुम लोग तो जानते हो कि भाजपा कभी आरक्षण खत्म नही करेगी। तुम लोग यह भी जानते हो कि भाजपा कितनी सवर्ण-विरिधी है। तो फिर इनके झांसे में क्यूं आ रहे हो?
10 अप्रैल का बंद फर्जी है। फिर बेकार की हिंसा होगी। निर्दोष लोग मारे जायेंगे। आरक्षण के पक्ष-विपक्ष मे बहस होती रहेगी। पर जब भाजपा के लोग देश ही तोड़ देंगे--तो क्या बचेगा?
लेखक अमरेश मिश्र 1857 राष्ट्रवादी मंच के विचार

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