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बुरे फंसे नीतीश कुमार कैसे मिलेगी निजात?

 Shiv Kumar Mishra |  22 Jan 2020 12:41 PM GMT  |  पटना

बुरे फंसे नीतीश कुमार कैसे मिलेगी निजात?

दिल्ली विधान सभा चुनाव के बहाने लगता है JDU प्रशांत किशोर और पवन वर्मा से किनारा करने की तैयारी कर रहा है. लेकिन सवाल यह उठता है इन दोनों नेताओं पर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है. पवन वर्मा और पीके ने पहली बार इस तरह का बयान नहीं दिया है. जब से NRC का मुद्दा आया है ये दोनों नेता उसके खिलाफ बयान देते रहे हैं. या कहा जाय कि इससे पहले भी कई ऐसे मसले आये जिस पर पार्टी के विरोध में इन दोनों ने बयान दिया है. बयानों के बाद पीके की पार्टी से दूरी तो बढ़ी लेकिन वे सीएम नीतीश के इर्द गिर्द कई मौकों पर देखे गए.

कहा जाता है कि पवन वर्मा और प्रशांत किशोर से जदयू की दूरी उस समय पहली बार बढ़ी थी जब इन दोनों ने 7 सर्कुलर रोड जो सीएम नीतीश का सरकारी आवास हुआ करता था वहीं देश के बुद्धिजीवियों की एक मीटिंग की थी जिसमें काफी संख्या में वैसे लोग थे जो किसी न किसी कारण से बीजेपी के धुर विरोधी थे. ये मीटिंग सीएम नीतीश को नागवार गुजरी और उन्होंने उसी दिन से 7 सर्कुलर रोड में रोज लगने वाली पीके की क्लास को बंद करने का निर्देश दे दिया. इसके बाद पीके ने कुछ बैठकें जदयू कार्यालय में की. लेकिन इनकी यहां भी नहीं चली और ये सभी बैठकों को पटना स्थित I-PAC के कार्यालय में करने लगे. साथ ही पीके लोगों को यह कहने लगे कि वे चाहें तो किसी को विधायक सांसद या सीधा मुख्यमंत्री बना सकते हैं.

दूरियां उसी समय बढ़ी थी लेकिन लोगों को लग रहा था कि चीजें सामान्य हो जाएगी. लेकिन अचानक प्रशांत किशोर ममता बनर्जी से मिले. उसी समय NRC का मुद्दा सामने आ गया जिस पर पवन वर्मा और प्रशांत किशोर ने जो सियासी तीर चलाया उससे बीजेपी कम और जदयू ज्यादा घायल हुआ. लेकिन पानी सर के ऊपर तब चला गया जब जदयू ने लोक सभा और राज्य सभा में नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन कर दिया. पवन वर्मा और प्रशांत किशोर ने खुल कर इसका विरोध किया.

हालांकि पीके ने सीधे गृहमंत्री अमित शाह को टैग करते हुए ट्वीट किया कि नागरिकों की असहमति को खारिज करना किसी भी सरकार की ताकत का संकेत नहीं होगा. अगर आप CAA और NRC का विरोध करने वालों की परवाह नहीं करते हैं तो आप आगे बढ़ें और सीएए और NRC को लागू करने का प्रयास करें जिसकी आपने इतने बड़े पैमाने पर घोषणा की है.

अब दिल्ली चुनाव में जदयू और बीजेपी के गठबंधन पर पवन वर्मा ने सवाल उठाए और प्रशांत किशोर ने NRC पर ट्वीट किया. जिस पर जदयू ने सख्त रवैया अपनाया है. आम तौर पर इस मसले पर चुप रहने वाले जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह ने यहां तक कह दिया कि वे इस पूरे मसले पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से बात करेंगे. पवन वर्मा और प्रशांत किशोर की पार्टी निर्माण में कोई भूमिका नहीं है. वे यदि मन बना लिए कही दूसरे जगह जाने की तो वे स्वतंत्र हैं. वैसे भी उनके बयानों को देख कर लगता है वे दूसरी पार्टी के संपर्क में हैं.

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