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निर्भया केस: दोषी विनय ने फांसी से बचने का जो तिगड़म लगाया था वो भी आज पटियाला कोर्ट में हो गई फेल

अदालत ने 17 फरवरी को तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए निर्भया के चारों दोषियों विनय सहित मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी देने का आदेश दिया है।

 Sujeet Kumar Gupta |  22 Feb 2020 12:36 PM GMT  |  नई दिल्ली

निर्भया केस: दोषी विनय ने फांसी से बचने का जो तिगड़म लगाया था वो भी आज पटियाला कोर्ट में हो गई फेल

नई दिल्ली। निर्भया के दोषी विनय को उच्च स्तरीय चिकित्सा का मांग करने वाली याचिका को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने शनिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसे दोषी जिन्हें मौत की सजा सुनाई गई हो, उनका चिंतित और अवसाद में होना सामान्य है। इस मामले में जाहिर तौर पर दोषी को पर्याप्त चिकित्सा उपचार और मनोवैज्ञानिक सहायता दी गई है।

बता दें कि सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल के वकील इरफान अहमद ने विनय की मेडिकल रिपोर्ट अदालत को सौंपी थी। इरफान अहमद ने बताया कि दोषी विनय ने खुद जेल की दीवारों पर अपना सिर पटका था जिसके तुरंत बाद उसका इलाज तिहाड़ के डॉक्टरों ने किया था। तिहाड़ ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी अदालत को सौंपी है। तिहाड़ के वकील इरफान ने अदालत को बताया कि विनय की मानसिक अस्थिरता की कोई पुरानी मेडिकल हिस्ट्री नहीं है, जैसा विनय के वकील एपी सिंह ने बताया है।

इरफान अहमद ने कोर्ट को ये भी बताया कि दोषी विनय ने हाल ही में अपनी और वकील को दो फोन किए थे, तो क्यों उसके वकील यह दावा कर रहे हैं कि वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है?सुनवाई के दौरान सरकारी वकील इरफान अहमद ने कहा कि 'दोषी विनय शर्मा ने अपनी मां और उसके वकील को हाल ही में दो फोन कॉल किए, तो उसका वकील क्यों दावा कर रहा है कि वह अपनी मां की भी नहीं पहचान पा रहा. उन्होंने आगे कहा कि दोषी विनय शर्मा की मानसिक अस्थिरता की कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं है जैसा कि दोषी के वकील एपी सिंह ने दावा किया था।

आपको बता दें कि निर्भया मामले के गुनहगार विनय शर्मा ने फांसी से बचने के सभी कानूनी विकल्प खत्म होने के बाद मेडिकल जांच को लेकर अर्जी दी थी. उसके वकील एपी सिंह ने गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दायर की थी. इसमें विनय ने खुद को मानसिक बीमार और सिजोफ्रेनिया नामक बीमारी से पीड़ित बताया था.

पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने विनय शर्मा की याचिका पर जेल अधिकारियों को शनिवार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान इस याचिका का विरोध किया।

जेल अधिकारियों के मुताबिक विनय ने रविवार को तिहाड़ जेल नंबर तीन में अपने सेल के अंदर की दीवार पर अपना सिर पीटकर खुद को घायल कर लिया था। इसके बाद जेल परिसर में ही विनय का इलाज किया गया।

अदालत के समक्ष विनय के वकील ने कहा वह अपनी मां या वकील को भी पहचानने से इंकार कर रहा था। वकील ने यह भी कहा कि जेल में विनय से मुलाकात के दौरान देखा उसने देखा कि उसके सिर में गंभीर चोट है और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर है।

वकील ने यह भी कहा था कि विनय मानसिक बीमारी से पीड़ित है जो एक तरह का पागलपन है। कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि विनय लंबे समय से काफी कम देर के लिए सो रहा है। दवा पर विनय की निर्भरता के कारण उसकी परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ मनोचिकित्सक को भेजा गया था।

अदालत ने 17 फरवरी को तीसरी बार डेथ वारंट जारी करते हुए निर्भया के चारों दोषियों विनय सहित मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता और अक्षय कुमार को तीन मार्च की सुबह छह बजे फांसी देने का आदेश दिया है।

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