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मछली के बदले देह का सौदा

केन्या के सिन्डो बीच पर इस बारे में कोई बात नहीं करता लेकिन सब जानते हैं कि मछली लेने वाली औरतों का यह काम है और इसके बदले में उन्हें अपना शरीर देना होता है

 Anamika |  2018-08-23 09:52:25.0

मछली के बदले देह का सौदा

नई दिल्ली

केन्या के सिन्डो बीच पर इस बारे में कोई बात नहीं करता लेकिन सब जानते हैं कि मछली लेने वाली औरतों का यह काम है और इसके बदले में उन्हें अपना शरीर देना होता है. पेरेज अनजान्गो बड़ी मुस्कान के साथ कहती हैं, "आपको अपना शरीर बेचना पड़ेगा." यह मुस्कान खुशी की वजह से नहीं बल्कि इसलिए है क्योंकि पश्चिमी केन्या में रहने वाली उस जैसी औरतों जिनका जीवन मछली बेचने से चलता है उनके लिए यह जिंदगी की सच्चाई है.अन्जान्गो की उम्र करीब 55 साल है. जब वो जवान थीं तो करीब 15 साल उन्होंने मछली बेच कर बिताए. वो बताती हैं, "अगर आपकी मछुआरे से दोस्ती नहीं है तो आपको मछली नहीं मिलेगीमछुआरे सिंडो बीच से निकल कर करीब डेढ़ घंटे उबड़ खाबड़ रास्तों पर ड्राइव करने के बाद होमा बे शहर में पहुंचते हैं. वो वहां रात बिता कर सुबह जल्दी लौट आते हैं. यहां महिलाएं उनका इंतजार करती हैं. वो मछुआरों के साथ सो चुकी हैं इसलिए निश्चिंत रहती हैं कि वो खाली हाथ नहीं आएंगे. अगर कोई लड़की किसी मछुआरे की खास गर्लफ्रेंड बन जाती है तो उसे पकड़ी गई मछलियों में थोड़ा बड़ा हिस्सा मिलता है, या फिर उसे सबसे पहले और सबसे ताजा मछली मिलती है. इस मछली के बाजार में ज्यादा अच्छे पैसे मिलते हैं.















यहां की ज्यादातर औरतें इसे "फ्रेंडशिप" ही कहती हैं. इस फ्रेंडशिप का मतलब है, मछुआरों के साथ सेक्स करना ताकि पकड़ी गई मछली में उन्हें हिस्सा मिल सके. इस हिस्सेदारी को यहां आधिकारिक रूप से "जाबोया" कहा जाता है.

विक्टोरिया लेक अफ्रीका की सबसे बड़ी झील है जिसके किनारे केन्या, युगांडा और तंजानिया से लगते हैं. मछली और मछली का कारोबार यहां के जीवन का अनिवार्य अंग है. हालांकि जरूरत से ज्यादा मछलियों के शिकार और प्रदूषण ने बीते कुछ सालों से झील पर दबाव बढ़ा दिया है. इन बीच झील के चारों ओर आबादी तेजी से बढ़ रही है और उन्हें खिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मछलियों की जरूरत है.

जाबोया की प्रथा कब से है यह साफ नहीं है. यहां काम करने वाली एक पर्यावरण संस्था की इरेने ओजुओक के पास अपना अलग सिद्धांत हैं, उनका कहना है, "एक समय ऐसा आया जब मछली की मांग पूरी नहीं हो सकती थी." मछली के लिए मांग बहुत ज्यादा थी और नौकरी के लिए मौके बेहद कम ऐसे में मछुआरे यह तय कर सकते थे कि मछली बेचने वाली औरतों से वो क्या चाहते हैं. ओजुओक ने कहा, "ऐसे में औरतें परिस्थितियों का शिकार बन गईं."जाबोया के खतरनाक नतीजे हो सकते हैं. अनजानागो याद करती हैं, "बहुत सी औरतों को बीमारी हो गई, कइयों की तो इस काम की वजह से मौत हो गई."

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक केन्या में करीब 15 लाख लोग एचाईवी पॉजिटिव हैं. 15 साल से ऊपर की उम्र के लोगों की तादाद का यह करीब 5.9 फीसदी है. लेक विक्टोरिया के आस पास रहने वाले लोगों में ही एचआईवी पॉजिटिव की दर सबसे ज्यादा है. होमा बे काउंटी में जहां सिंडो बीच है करीब 26 फीसदी आबादी एचआईवी पॉजिटिव है.

सिंडो बीच पर स्थानीय सरकार के प्रशासक कॉलिन्स ओचिएंग मानते हैं कि "कुछ महिलाएं" मछुआरों के साथ सेक्स करती हैं. उनका कहना है कि यह गुप्त रूप से होता है और इनमें से ज्यादातर महिलाएं बहुत गरीब हैं और उनमें भी ज्यादा विधवाएं हैं. ओचिएंग ने बताया "महिलाएं किसी भी तरह से मछली चाहती हैं" और आबादी बढ़ने के कारण समस्या बढ़ रही है










आसमान में सूरज की गर्मी तेज हो रही है और मछली हासिल करने वाली ज्यादार औरतों ने दूसरी औरतों के साथ मिल कर मछलियों को जाल में रख कर किनारों पर फैला दिया है. मछलियों को सुखाना पड़ता है ताकि उन्हें बाद में बाजार में बेचा जा सके. ऐसा नहीं करने पर वो जल्दी ही खराब हो जाएंगी. अगर इन औरतों से आप जाबोया के बारे में पूछेंगे तो ज्यादातर उसे स्वीकार करेंगे लेकिन बहुत कम ही हैं जो खुद के उसें शामिल होने की बात मानेंगी.

अन्जान्गो ने अपने पति के साथ मिल कर एक छोटा सा तालाब बनाया है जहां वह अपने पति के साथ मिल कर मछली पालती हैं. उनकी जिंदगी अब पहले से बेहतर हो गई हैं लेकिन सबकी किस्मत में यह सुख नहीं.

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