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क्यों सत्य नहीं सुनना चाहता विपक्ष?

 Special News Coverage |  26 Feb 2016 3:47 AM GMT

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नवीन कुमार शर्मा
क्या सत्य नहीं सुनना चाहता विपक्ष - राज्य सभा में स्मृति ईरानी का पूरा जवाब सुने बिना ही कांग्रेसी सांसदों ने हंगामा किया -कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित की गयी।


जेएनयू में देशद्रोही नारो और रोहित वेमुला की आत्म हत्या वाले मामलों पर राज्य सभा में दूसरे दिन भी गरमा गरम चर्चा और बहसों का दौर जारी रहा। आज भी सदन में सत्तापक्ष पूरी तैयारी के साथ विपक्ष के हर आरोपों को तथ्यात्मक रूप कमजोर ही नही कर रहा बल्कि उनके आरोपों को गलत साबित भी कर रहा हैं जिसकी वजह से विपक्ष कई बार अपनी असफलताओ से झुंझलाता हुआ भी दिखाई भी दिया। जब भी विपक्ष ने सत्तापक्ष पर भगवाकरण और तिरंगे को लेकर आरोप लगाये सत्तापक्ष ने पुरजोर एवं संवैधानिक तरीके से विरोध कर उनको कदम वापिस लेने के लिए बाध्य कर दिया।





आज राज्य सभा में पुरे दिन की चर्चा में विपक्ष एक तरफ राष्ट्रविरोधी हरकतों पर कार्यवाही करने की वकालत कर रही थी तो दूसरी तरफ वो जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को निर्दोष बता कर उसके ऊपर से देशद्रोह के आरोपों को वापिस लेने का दबाव बनाने की असफल कोशिश भी कर रहे थे। कांग्रेस सहित विपक्ष की ज्यादातर सभी पार्टीयाँ रोहित वेमुला की आत्महत्या के लिए भारतीय जनता पार्टी की नीतियों को दोषी मान रही थी तो जनता दल यूनाइटेड के सांसद के. सी. त्यागी ने इस बात को पूरी तरह से साबित करने की कोशिस की जेएनयू में जिस तरह की कार्यवाही वर्तमान सरकार ने की वैसा तो कांग्रेस के आपातकाल के दौरान ही हुआ था। सांसद के. सी. त्यागी ने जब भाजपा को इस बात के लिए घेरना चाहा कि संघ के पूर्व सरसंघचालक गुरूजी ने तिरंगे को लेकर अपने एक लेख में किस तरह विरोध किया था भाजपा के सांसदों ने उनसे इसकी प्रमाणिकता को लेकर उनको चुनौती दे डाली जिस पर माननीय सभापति ने सांसद से अपने आरोपों को प्रमाणित तथ्यों के आधार पर उल्लेख करने को कहा।


सदन में चर्चा के दौरान एनसीपी के सांसद ने तो यहाँ तक कह दिया की जेएनयू को इसलिए निशाना बनाया जा रहा हैं कि वहाँ भाजपा की नीतियों का विरोध हमेशा किया जाता रहा हैं। जेएनयू वो शिक्षण संस्था हैं जिसमे उस समय भी विरोध किया गया था जब देश में आपात काल लगा हुआ था और जेएनयू के निर्दोष छात्रों पर देशद्रोह जैसे आरोप लगा कर उनमे भय पैदा करने की कोशिश की जा रही हैं।


आज सदन में चर्चा के दौरान सत्तापक्ष ने अनेको बार विपक्ष को बैकफुट पर लाकर विपक्ष की सरकार को घेरने की कोशिश को न केवल नाकाम किया बल्कि सीताराम येचुरी से लेकर विपक्ष के हर प्रमुख सांसद को मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के तथ्यों के आधार पर दिये जाने वाले जवाबो के आगे निरुत्तर होते हुए भी देखा गया।


स्‍मृति ईरानी ने विपक्ष पर दूसरे दिन भी हमला जारी रखा। जबकि कल सदन में रोहित वेमुला की मौत पर जारी चर्चा के दौरान उनकी बसपा की सांसद मायावती से तीखी बहस हो गई थी। स्‍मृति ईरानी ने आज रोहित वेमुला के फेसबुक पोस्‍ट का हवाला देते हुए लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी पर हमला किया। उन्‍होंने रोहित वेमुला के उस एफबी की पोस्‍ट को पढ़ा, जिसमें रोहित वेमुला ने लिखा था, ”ऐसा आखिरी बार कब हुआ जब सीपीआई ने किसी बारे में बात की और इसे राष्‍ट्रीय स्‍तर पर हासिल किया?”



स्‍मृति ईरानी ने सदन को बताया कि उन्‍होंने रोहित वेमुला की मां से बात भी की थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं किया। बाद में जेएनयू मामले में जब स्‍मृति ने जेएनयू में महिषासुर दिवस मनाए जाने वाले कार्यक्रम के एक पैम्‍फलेट में माँ दुर्गा को सेक्स वॉर्कर के रूप में बताने तथा महिसासुर के साथ हनीमून मनाने वाली लाइन्स पढ़ी तो सदन में विपक्षी दल कांग्रेस उस पैम्‍फलेट की प्रमाणिकता को लेकर हंगामा करने लगी। सदन के सभापति ने विपक्ष को बताया भी कि संबंधित मंत्री प्रमाण के आधार पर ही सदन में उस पैम्‍फलेट का उल्लेख कर रही हैं लेकिन कांग्रेस के सांसद किसी भी बात को सुनना नही चाहते थे। सदन में बढ़ते हुए हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।

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