Top
Begin typing your search...

अनु मलिक को राहत, सुबूतों के अभाव में राष्ट्रीय महिला आयोग ने बंद किया यौन शोषण का केस!

अनु मलिक को राहत, सुबूतों के अभाव में राष्ट्रीय महिला आयोग ने बंद किया यौन शोषण का केस!
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

अनु पर सोना महापात्रा, श्वेता पंडित, नेहा भसीन, केरालिसा मोन्टेरियो और डेनिका डिसूजा ने यौन शोषण करने का आरोप लगाया था

2018 में शुरू हुए मीटू मूवमेंट के दौरान कई बड़े बॉलीवुड सेलेब्स पर यौन शोषण के आरोप लगे थे। जिनमें म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक का नाम भी शामिल था। अनु पर सोना महापात्रा, श्वेता पंडित, नेहा भसीन, केरालिसा मोन्टेरियो और डेनिका डिसूजा ने यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इन आरोपों की जांच करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने अनु के खिलाफ पर्याप्त सुबूत न मिल पाने और शिकायतकर्ता के सामने न के कारण केस बंद कर दिया गया है।

आयोग की बरनाली शोम ने सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की माधुरी मल्होत्रा को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि NCW ने मलिक के खिलाफ मामला बंद कर दिया है। आयोग ने सोना मोहापात्रा से आरोपों के संबंध में दस्तावेज मांगे थे, जिन्हें सोना आयोग को उपलब्ध नहीं करा पाईं। इस लैटर में सोना के लिए लिखा गया है कि -"आयोग ने इस मामले में 6 दिसंबर 2019 को आपकी प्रतिक्रिया प्राप्त कर ली है। उपरोक्त के मद्देनजर, मुझे यह बताने के लिए निर्देशित किया गया है कि आयोग ने शिकायतकर्ता से मांगे गए संचार / पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण मामला बंद कर दिया है।"

राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा के अनुसार- हमने शिकायतकर्ता की मांग पर एक्शन लेते हुए हमने अपनी ओर से उनसे संपर्क किया। शिकायतकर्ता ने कहा वह अभी बाहर है जब भी लौटेगी तो हमसे मिलेगी। हमने करीब 45 दिन इंतजार किया। साथ ही कुछ और दस्तावेज भी मांगे मगर उसके बाद उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अलावा और भी लोग हैं जिन्होंने अनु के खिलाफ शिकायत की है। तब हमने उन्हें बताया कि उनमें से किसी ने भी अभी तक हमसे संपर्क नहीं किया है। हालांकि यह केस हमेशा के लिए बंद नहीं हुआ है। यदि शिकायतकर्ता सामने आता है या फिर अधिक सबूत या किसी भी तरह के दस्तावेज जमा करता है, तो हम केस री-ओपन कर सकते हैं।

Arun Mishra

About author
Sub-Editor of Special Coverage News
Next Story
Share it