Home > पेट के दर्द, गैस, ब्लोटिंग और अनियमित लैट्रिन जाना, इतनी परेशानियों से बचाए ये एक चीज!

पेट के दर्द, गैस, ब्लोटिंग और अनियमित लैट्रिन जाना, इतनी परेशानियों से बचाए ये एक चीज!

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम पेट और आंत के विकार से संबंधित है और इससे पीड़ित शख्स को पेट में सूजन और दर्द सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

 शिव कुमार मिश्र |  2018-01-26 07:08:34.0  |  दिल्ली

पेट के दर्द, गैस, ब्लोटिंग और अनियमित लैट्रिन जाना, इतनी परेशानियों से बचाए ये एक चीज!

अगर आपको 3 महीने से ज्यादा पेट में दर्द और अनियमित मलत्याग हो तो आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम हो सकता है. एक रिसर्च में पता लगा है कि विटामिन-डी की खुराक का नियमित सेवन आपको इसके दर्द से छुटकारा दिला सकता है. इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम पेट और आंत के विकार से संबंधित है और इससे पीड़ित शख्स को पेट में सूजन और दर्द सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

क्या है आईबीएस?
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) का मतलब है अनियमित मलत्याग. यह एक बीमारी नहीं बल्कि एक साथ होने वाले कई लक्षणों का समूह है. इसमें बड़ी आंत (कोलन) और छोटी आंत में अवरोध होता है. लगभग 10 से 15 प्रतिशत वयस्क इससे प्रभावित होते हैं.

शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि आईबीएस रोगियों में विटामिन-डी की कमी सामान्य है.



विटामिन-डी की खुराक के सेवन से पेट में दर्द, सूजन, दस्त और कब्ज जैसे लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है.

शोध में पता चलता है कि विटामिन-डी आईबीएस के रोगियों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने में भी कारगर है.
इंग्लैंड की शेफील्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के मुख्य लेखक बर्नार्ड कॉर्फे ने कहा, "इन निष्कर्षों से स्पष्ट होता है कि आईबीएस से पीड़ित सभी लोगों को अपने विटामिन-डी के स्तर का परीक्षण करना चाहिए और इनमें से अधिकांश को इसके सप्लीमेंट से फायदा हो सकता है."
इन निष्कर्षों के लिए शोध दल ने सात अध्ययनों का आकलन किया था, जिनमें विटामिन-डी और आईबीएस के बीच संबंधों पर आधारित चार अवलोकन और तीन सर्वेक्षण आधारित अध्ययन शामिल थे.
यह शोध 'यूरोपीयन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन' में प्रकाशित हुआ है.
INPUT- IANS

Tags:    
Share it
Top