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चीन और पाक पर निगरानी के लिए 100 अमेरिकी ड्रोन खरीदेगा भारत

 Special News Coverage |  10 April 2016 9:53 AM GMT

चीन और पाक पर निगरानी के लिए 100 अमेरिकी ड्रोन खरीदेगा भारत

नई दिल्ली: भारत हथियारबंद और निगरानी करने वाले, दोनों तरह के करीब 100 ड्रोन की संभावित खरीद के लिए अमेरिका के साथ बात कर रहा है। आपको बता दे यह सौदा दो अरब डॉलर का होगा। चीन और पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए इससे भारत के हथियारों का भंडार बढ़ेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री एस्टन कार्टर की अगले हफ्ते भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत में इस मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है।

दरअशल में, अमेरिकी रक्षा मंत्री एस्टन कार्टर के अगले हफ्ते भारत आने वाले है, भारत उसी दौरान दोनों पक्षों के बीच वार्ता में 100 प्रीडेटर ड्रोन का जिक्र होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार भारत दो अरब डॉलर में करीब 100 ड्रोन की उम्मीद कर रहा है। अमेरिकी सरकार ने पिछले साल भारत को प्रीडेटर एक्सपी बेचने के लिए जनरल ऐटॉमिक्स के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि ड्रोन की आपूर्ति कब की जाएगी।


भारतीय नौसेना इन्हें हिंद महासागर की निगरानी करने के लिए खरीदना चाहती है। जिससे पाक और चीन पर नजर रख सके। आपको बता दे कि ये प्रीडेटर ड्रोन लगातार 35 घंटे तक आकाश में चक्कर लगा सकता हैं। इन्हें इस लिहाज से भी जरूरी माना जा रहा है कि चीन हिंद महासागर क्षेत्र में लगातार जहाजों और पनडुब्बियों की मौजूदगी बढ़ा रहा है। देश में चीनी सेना के बार-बार घुसपैठ के मद्देनजर भारत इन मानवरहित विमानों के जरिये अपने अस्त्र-शस्त्र के जखीरे को और मजबूत करना चाहता है।

ये ड्रोन बेहद एडवान्स्ड टेक्नीक वाले है, ये मीडियम से हाई एल्टीट्यूड (50 हजार फीट की हाइट) पर जाने में कैपेबल है, इससे लंबे इलाके में निगरानी की जा सकती है। इसका जेट इंजन इकोनॉमी और पोटेंशियलटी के लिहाज से परफेक्ट बनाया गया है। तय वक्त में जमीन और समंदर दोनों में मिलिट्री मिशन को अंजाम दे सकता है। आपको बता दे ये 1587 किलो हथियार ले जाने में सक्षम है। ये 18 घंटे तक उड़ान भर सकता है। 2016 में आने वाला आरपीए का एडवान्स्ड वर्जन 35 घंटे उड़ सकेगा।

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