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भारत को न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में प्रवेश रोकने के लिए चीन-पाक ने हाथ मिलाया

 Special News Coverage |  2016-05-13 13:23:24.0

China Pakistan joined hands to prevent India entry in Nuclear Suppliers Group

वॉशिंगटन: भारत को न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में प्रवेश रोकने के लिए चीन-पाक ने हाथ मिलाया। चीन ने पाक का सपोर्ट करते हुए कहा है कि एनएसजी में दोनों देशों को एंट्री मिले या किसी को भी नहीं।

चीन ने भारत को रोकने के लिए पाकिस्तान की नॉन-स्टार्टर पोजिशन का इस्तेमाल किया है। एनएसजी के सूत्रों की मानें तो चीन और पाकिस्तान भारत की एंट्री रोकने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। 25-26 अप्रैल को एनएसजी पार्टिसिपेटिंग गवर्नमेंट्स (PGs) के प्रोग्राम में भारत ने मेंबरशिप के लिए एक फॉर्मल प्रेजेंटेशन दिया था। बैठक में इसी तरह का प्रेजेंटेशन पाकिस्तान ने भी दिया था।


चीन ने ग्राउंड्स ऑफ पैरिटी (समानता के आधार) पर पाकिस्तान का यह कहते हुए सपोर्ट किया या तो दोनों की एप्लिकेशन मानी जाएं या किसी की भी नहीं। यही नहीं, पाकिस्तान सभी NSG PG को ग्रुप ज्वाइन करने के लिए लेटर भी लिखने जा रहा है। जून में एनएसजी के प्लेनरी सेशन में भारत के एप्लिकेशन पर चर्चा होगी।

1975 में न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की स्‍थापना की गई थी। मौजूदा समय में 49 देश इसके सदस्‍य हैं। परमाणु हथियार बनाने में इस्‍तेमाल की जाने वाली सामग्री की आपूर्ति से लेकर नियंत्रण तक इसी के दायरे में आता है। भारत में इस समय परमाणु संयंत्र लगाए जाने की कवायद चल रही है। भारत सरकार स्‍पष्‍ट कर चुका है, उसका मकसद बिजली तैयार करना है। ऐसे में एनएसजी की सदस्‍यता मिलने सेउसकी राह बेहद आसान हो जाएगी।

एनएसजी की सदस्‍यता के लिए भारत को कई शर्तों को भी मंजूर करना होगा। जैसे कि परमाणु परीक्षण न करना आदि। चीन ने साफ कर दिया कि अगर भारत एनएसजी की मेंबरशिप मांगेगा तो चीन पाकिस्तान के लिए भी ऐसी ही मांग करेगा। चीन ने कहा, "अगर भारत के लिए हां और पाकिस्तान के लिए ना हुई तो वह वीटो कर भारत की एंट्री ब्लॉक कर देगा।" चीन और पाकिस्तान एनएसजी में भारत की एंट्री रोकना चाहते हैं।

पाकिस्तान के मित्र देश भी नहीं चाहते कि भारत की एंट्री न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में हो। अमेरिका ने भारत की न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में एंट्री रोकने को चीन का गेम करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि भारत के एटमी हथियारों पर रोक लगाने के भारत के दावे की पाकिस्तान के साथ तुलना ही नहीं की जा सकती।

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