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भारत ने उसी की भाषा में चीन को दिया जवाब, विद्रोही नेता को दिया वीजा

 Special News Coverage |  23 April 2016 7:20 AM GMT

भारत ने उसी की भाषा में चीन को दिया जवाब, विद्रोही नेता को दिया वीजा

नयी दिल्ली: भारत ने वर्ल्ड उइगुर कांग्रेस नेता डोल्कुन ईसा को देश में आने की इजाजत दे दी भारत के इस कदम पर चीन ने चिंता जाहिर की और कहा कि डोल्कुन एक आतंकी है और उसके खिलाफ इंटरपोट का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी है। इस कारण सभी देशों की यह जिम्मेदारी बनती है कि उसे कानून के हवाले कर दिया जाए।डोल्कन इसा धर्मशाला में 28 अप्रैल से एक मई तक चलने वालीे कांफ्रेंस में शामिल होंगे। इसमें उनके साथ ही चीन से निर्वासित नेता शामिल होंगे। डोल्कन इसा को भारत ने दलाई लामा से मिलने की इजाजत दी है।


संयुक्त राष्ट्र में जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पर बैन के रास्ते में चीन के वीटो के कारण झटका लगा था। ऐसा माना जा रहा है कि इसके कुछ दिन बाद भारत ने पड़ोसी देश को उसी की भाषा में जवाब दिया है। गौर हो कि मसूद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है।

केंद्र सरकार के एक फैसले ने यह साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सीना सचमुच 56 इंच का है। अबतक अपने बयानों से अपने देश में ही विरोधियों पर तीखे हमले करने वाले नरेंद्र मोदी ने इस बार एक ऐसा काम कर दिया है जिससे चीन भी तिलमिला उठा है। पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने की चाल चलने वाले ड्रैगन को भारत ने उसी के अंदाज में टक्कर देने के लिए ये कदम उठाया है जिसने चीन की नींद हराम कर दी है।

डोल्कुन ईसा म्यूनिख के रहने वाले हैं जिन्हें 1990 में जर्मनी ने शरण दी थी। ईसा वर्ल्ड उइगर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) के नेता हैं। ईसा के अनुसार भारत ने उसे इलेक्ट्रॉनिक वीजा दिया है जिसके बाद से वे अपने पहले भारत दौरे को लेकर उत्सुक हैं। डब्ल्यूयूसी चीन से बाहर रहने वाले उइगर कम्युनिटी के लोगों का एक संगठन है जिसपर चीन के शिंजियांग प्रोविंस में आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने और लोगों की हत्या की साजिश करने का आरोप है। आपको बता दें कि ईसा 1997 से इंटरपोल की हिट लिस्ट में है।

चीन की नजर में उइगर लीडर्स मुस्लिम बहुल शिंजियांग प्रोविंस में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला संगठन है। उल्लेखनीस है कि शिंजियांग में उइगर मुसलमानों की आबादी एक करोड़ से ज्यादा है। ऐसा माना जाता है कि ये तुर्किक मूल के मुस्लिम हैं। कई सालों से अलग-अलग मांगों को लेकर यहां उइगर मुसलमान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चीन ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (इटीआइएम) को एक आतंकवादी संगठन मानता है और उसपर सख्ती बरतता है। चीन के इतर डोल्कन ईसा का कहना है कि ईस्ट तुर्किस्तान और इंडिया के बहुत पुराने और अच्छे रिलेशन थे। इसीलिए उइगर लोग भारत के दिल में बसते हैं।

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