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ऐसे चलती है हजारों फीट की ऊंचाई पर दुनिया की सबसे खतरनाक ट्रेन

 Special News Coverage |  31 March 2016 7:38 AM GMT



स्विट्जरलैंड: दुनिया में इंजीनियरों की एक ऐसी जमात है जिसने अपने हुनर और विज्ञान के बूते उन मुश्किल रास्तों पर रेलवे ट्रैक की दुनिया बिछाई हैं जहां कुदरत ने भी अपने हाथ खड़े कर लिये हों। जी हाँ आपने अपने जीवन में कई बार ट्रेन में सफर किया होगा और कई बार मुश्किलों का भी सामना किया होगा। लेकिन क्या आपने कभी ऐसे रेलवे रूट पर यात्रा किया है जो आपको मौत से सामना कराते हुये जिंदगी से रूबरू कराये। आप सोच रहे होंगे कि भला ऐसी खतरनाक यात्रा कौन करेगा लेकिन आज हम आपको बताते है दुनिया की सबसे खतरनाक ट्रेन के बारे में।


स्विट्जरलैंड में ग्लेशियर एक्सप्रेस का सफर यूरोप आने वालों के लिए सबसे यादगार होता है। कहने को इस ट्रेन के नाम में एक्सप्रेस जुड़ा है। लेकिन इसे वर्ल्ड की स्लो स्पीड से चलने वाली एक्सप्रेस माना जाता है। ये ट्रेन 291 ब्रिज और 91 टनल से होकर गुजरती है, ये ट्रेन स्विस एल्प्स माउंटेन रेंज पर दो फेमस माउंटेन रिसॉर्ट सेंट मार्टिज और जर्मेट को जोड़ती है। 'ओबरएल्प पास' पर ये ट्रेन 6670 फीट यानी 2033 मीटर की ऊंचाई से गुजरती है।

आपको बता दे की पीएम मोदी भारत-यूरोपियन यूनियन समिट के लिए ब्रसेल्स के दौरे पर हैं। आज हम इसी मौके पर यूरोप से जुड़ी रोचक बातें बता रहे हैं। दुनिया की सबसे खतरनाक ट्रेन ग्लेशियर एक्सप्रेस मानी जाती है। ग्लेशियर एक्सप्रेस की शुरुआत 1930 में हुई थी। उस समय ये तीन रेलवे कंपनीज द्वारा ऑपरेट की जाती थी। साढ़े सात घंटे की जर्नी में यह पिज बर्निना से मेटरहॉर्न तक जाती है। साथ ही दो फेमस माउंटेन रिसॉर्ट को जोड़ती है। ये एक नैरो गेज ट्रेन है और 291 ब्रिज और 91 टनल से होकर गुजरती है।

1920 के दशक में एल्प्स माउंटेन रेंज में एडवेंचरस के लिए जाने वालों की संख्या बढ़ने लगी। तब टूरिज्म संभावना को देखते हुए रिमोट माउंटेन पर तीन रेलवे कंपनीज बीवीजेड, आरबी और एफओबी ने रेल ट्रैक बनाया। सबसे पहला रूट 1926 में वेलासिस और ग्राबुदेन खोला गया था।

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