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सऊदी हमलों से यमन की अर्थव्यवस्था धराशायी: संयुक्त राष्ट्र संघ

 Majid Ali Khan |  2017-09-19 16:28:25.0  |  दिल्ली

सऊदी हमलों से यमन की अर्थव्यवस्था धराशायी: संयुक्त राष्ट्र संघ

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि सऊदी अरब के जारी हमलों के कारण यमन के 80 लाख लोगों की आय समाप्त हो गयी है और यह इस देश की अर्थव्यवस्था के धराशायी होने के समान है.


संयुक्त राष्ट्र की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ के विकास कार्यक्रम ने गुरुवार को एक बयान जारी करके कहा कि वर्ष 2015 से अब तक यमन पर सऊदी अरब के हमलों के जारी रहने के कारण इस देश में निर्धनता में वृद्धि हुई है और इस प्रकार इस निर्धन देश में निर्धनता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. संयुक्त राष्ट्र संघ के विकास कार्यक्रम के बयान में आया है कि सार्वजनिक क्षेत्रों की ओर से सेवाएं प्रदान करने में बहुत अधिक बाधाएं सामने आ रही हैं और यमन की बहुत सी सरकारी संस्थाएं और संगठन, अपने कर्मियों को वेतन देने में अक्षम हैं.


संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट में आया है कि दो करोड़ 70 लाख आबादी वाले इस देश में पिछले तीन वर्षों के दौरान जारी युद्ध में दसियों हज़ार लोग मारे गये और घायल हो गये जबकि 30 लाख लोग विस्थापित हुए हैं. इस बयान में आया है कि यमन में दो करोड़ 12 लाख लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है जबकि एक करोड़ 70 लाख लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं और 70 लाख लोग भुखमरी का शिकार हैं।

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