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क्यूबा के अनुसार कूटनयिकों को निकालना अमेरिका की बेवकूफी

 Majid Khan |  2017-10-05 13:45:51.0  |  क्यूबा

क्यूबा के अनुसार कूटनयिकों को निकालना अमेरिका की बेवकूफी

क्यूबा और अमेरिका का तनाव ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा है. ट्रम्प ने एक आदेश जारी कर क्यूबा के 15 कूटनयिकों से कहा है की वह तुरंत अमेरिका छोड़ कर चले जाये. अमेरिका के इस क़दम की निंदा करते हुए क्यूबा के विदेश मंत्रालय ने कहा है की अमेरिका की नीतियां बेवकूफी और पागलपन की हद हैं. अमेरिका और कुबा का तनाव नहीं है .क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो के समय में तो ये और भी ज़्यादा गहरा था. अमेरिका क्यूबा को लेकर अक्सर आक्रामक बयान बाज़ी करता रहता है जिस पैर क्यूबा की तरफ से भी अमेरिका को ऐसी ही भाषा में जवाब दिया जाता रहा है. अमेरिका का ये ताज़ा फैसला दोनों मुल्को में और अधिक तल्खी बढ़ा सकता है।

क्यूबा का कहना है कि अमरीका की ओर से क्यूबा के कूटनयिकों के निष्कासन का फैसला मूर्खतापूर्ण है।

क्यूबा के विदेशमंत्रालय ने बयान जारी करके अपने कूटनयिकों के अमरीका से निष्कासन के फैसले की निंदा की है। बयान में कहा गया है कि यह अमरीकी फैसला मूर्खतापूर्ण है।


अमरीकी राष्ट्रपति ने क्यूबा के 15 कूटनयिकों को आदेश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर अमरीका छोड़कर चले जाएं। डोनल्ड ट्रम्प का यह फैसला उस दावे के बाद सामने आया है जिसमें अमरीका की ओर से यह दावा किया गया है कि क्यूबा में अमरीकी दूतावास में काम करने वाले एक रहस्यमई बीमारी का शिकार हुए हैं। यह वह अमरीकी आरोप है जिसे क्यूबा ने रद्द कर दिया है। ज्ञात रहे कि वाइट हाउस पहुंचने के बाद ट्रम्प ने अमरीका और क्यूबा के बीच सामान्य होते कूटनैतिक संबन्धों को लगभग रोक दिया है।


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