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ईरान में कश्मीर पर बोले इमरान, क्या मिला समर्थन?

हालांकि हसन रूहानी ने इस न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस में कश्मीर का कोई ज़िक्र तक नहीं किया. हसन रूहानी ने यमन, सऊदी अरब और अमरीकी प्रतिबंधों की बात की लेकिन कश्मीर का कोई ज़िक्र नहीं किया.

 Special Coverage News |  14 Oct 2019 3:02 AM GMT  |  दिल्ली

ईरान में कश्मीर पर बोले इमरान, क्या मिला समर्थन?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान रविवार को ईरान के एक दिवसीय दौरे पर थे. इस दौरे में पीएम ख़ान की मुलाक़ात ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और वहाँ सर्वोच्च धार्मिक नेता अयतोल्लाह ख़मेनई से हुई.

तेहरान में राष्ट्रपति रूहानी और इमरान ख़ान ने बातचीत के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पीएम इमरान ख़ान ने कई मुद्दों को मीडिया के सामने रखा. इसमें उन्होंने कश्मीर का मुद्दा भी उठाया.

इमरान ख़ान ने कहा, ''कश्मीर में 80 लाख लोग पिछले 68 दिनों से कर्फ़्यू के कारण अपने घरों में बंद हैं. मैं राष्ट्रपति रूहानी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने कश्मीर के मुद्दे पर बोला है. भारत ने कश्मीर में मानवीय संकट पैदा कर दिया है. राष्ट्रपति रूहानी ने कश्मीर में मानवाधिकारों को लेकर चिंता जताई है.''

हालांकि हसन रूहानी ने इस न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस में कश्मीर का कोई ज़िक्र तक नहीं किया. हसन रूहानी ने यमन, सऊदी अरब और अमरीकी प्रतिबंधों की बात की लेकिन कश्मीर का कोई ज़िक्र नहीं किया.

हसन रूहानी ने कहा, ''मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से कहा है कि इलाक़े में शांति और स्थिरता को लेकर उनके ईरान आने का हम स्वागत करते हैं. क्षेत्रीय मुद्दों का समाधान क्षेत्रीय ज़रूरतों और संवाद के ज़रिए होना चाहिए. हमने पीएम ख़ान से यमन में जारी हिंसा और परमाणु समझौते को लेकर भी बात की.''

रूहानी ने ये भी कहा कि उनके मुल्क के ऊपर किसी ने दुःसाहस किया तो ईरान मुंहतोड़ जवाब देगा. वहीं प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि सऊदी पाकिस्तान का सबसे क़रीब का दोस्त है और ईरान भी पड़ोसी है.

पीएम ख़ान ने कहा, ''मुझे पता है कि ईरान और सऊदी के मसले काफ़ी जटिल हैं लेकिन टकराव रोकना पूरी दुनिया के हित में है. कुछ लोगों के इस टकराव में ही हित सध रहे हैं इसलिए इसे बढ़ावा दे रहे हैं. हमारी कोशिश है कि ईरान और सऊदी बातचीत करके मसलों को सुलझाएं. मैं यहां से रियाद जा रहा हूं और वहां भी टकराव कम करने की कोशिश में बातचीत करूंगा.''

कहा जा रहा है कि इमरान ख़ान मुस्लिम देशों में जारी टकराव को लेकर वो मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहे हैं और इसी क्रम में वो ईरान और सऊदी के दौरे पर हैं. ईरान और सऊदी में तनाव चरम पर है और पाकिस्तान के दोनों देशों से रिश्ते सामान्य हैं. इस्लामिक दुनिया में पाकिस्तान एकमात्र देश है जो परमाणु शक्ति संपन्न है.

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