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ट्रम्प के चुनाव में रूस का हाथ होने की जांच, क्या नया वाटरगेट सामने आएगा?

 Majid Khan |  2017-11-01 09:45:18.0  |  अमेरिका

ट्रम्प के चुनाव में रूस का हाथ होने की जांच, क्या नया वाटरगेट सामने आएगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चुनावी कैंपेन के प्रभारी पाल मैनाफ़ोर्ट और उनके सहयोगी रिक गेट्स की गिरफ़तारी के बाद वाइट हाउस में चिंता की लहर दौड़ गई है। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के हस्तक्षेप के बारे में जारी जांच के आधार पर आरोपों की पहली सूची तैयार की जिसके बाद यह गिरफ़तारी हुई है।

राबर्ट एस मूलेर विशेष जांचकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं और उन्हें यह अधिकार प्राप्त है कि उनकी आरोपियों की सूची में जिसका भी नाम शामिल हुआ उसे गिरफ़तार किया जा सकता है। बताया जाता है कि मूलेर की टीम के पास ट्रम्प के चुनावी कैंपेन के पूर्व अधिकारियों के नामों की सूची है और उन्हें इसी सप्ताह गिरफ़तार किया जा सकता है। हाल ही में कुछ रिपोर्टें सामने आई हैं जिनके अनुसार रूस के अरबपति ओलीग़ दीरीबास्का के साथ मैनाफ़ोर्ट का व्यापार पिछले दस साल में 60 मिलियन डालर तक पहुंचा है। रूसी अरबपति के राष्ट्रपति पुतीन से क़रीबी संबंध हैं।

मैनाफ़ोर्ट के बाद अब संभावित रूप से माइकल फ़्लेन की बारी है जो अमेरिका की सैनिक इंटेलीजेन्स के पूर्व प्रमुख हैं और ट्रम्प के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद के उम्मीदवार थे। उन पर भी रूस के साथ मिलकर साज़िश रचने का आरोप है। पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने उन्हें सैनिक इंटेलीजेन्स प्रमुख के पद से हटाया था। फ़्लेन को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किए जाने के 24 दिन के अंदर ही पद से हटा दिया गया। फ़्लेन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ट्रम्प के चुनावी कैंपेन के लिए कई संदिग्ध बिंदु उपलब्ध करवाए थे।

अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट सांसदों ने रिपब्लिकन सांसदों को इस बात पर तैयार कर लिया कि फ़्लेन के ख़िलाफ़ कार्यवाही की जाए क्योंकि वह तुर्की और रूस जैसे देशों से व्यापार करते रहे हैं। तीसरे व्यक्ति जो संदेह के दायरे में हैं कारट बीच हैं जो ट्रम्प के कैंपेन में ऊर्जा मामलों के सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन के बारे में भी संदेह है कि उन्होंने वर्ष 2016 में चुनावी कैंपेन के दौरान रूस से संदिग्ध संबंध स्थापित किए थे। उन्होंने सिनेट की कमेटी के सामने कुछ दस्तावेज़ पेश करने से इंकार कर दिया था।

जांच टीम के सबसे बड़े शिकार ट्रम्प के बड़े बेटे और दामाद हैं। 9 जून 2016 को न्यूयार्क में ट्रम्प टावर में रूसी वकील नतालिया फ़ीसेलनीत्सकाया के साथ ट्रम्प के कैंपेन के अधिकारियों की बैठक के समय यह दोनों भी मौजूद थे। ट्रम्प के बड़े बेटे को नतालिया ने जो ईमेल भेजी थी उसमें उन्होंने लिखा था कि वह रूसी सरकार की वकील हैं और वह जो जानकारियां उपलब्ध कराएंगी उनके नतीजे में हिलैरी क्लिंटन अपराधी साबित हो जाएंगी और रूस से उनका सहयोग साबित हो जाएगा।

ट्रम्प के दामाद कुशनर ने कहा कि उन्होंने कोई ग़ैर क़ानूनी काम नहीं किया है। टीकाकारों का मानना है कि यदि ट्रम्प के बड़े बेटे और दामाद के ख़िलाफ़ आरोप तय हो गए तो फिर निश्चित रूप से ट्रम्प भी निशाने पर आ जाएंगे। इसी लिए ट्रम्प ने एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख जेम्ज़ कोमी को हटा दिया था क्योंकि उन्होंने फ़्लेन के ख़िलाफ़ जांच रोकने से इंकार कर दिया था। डोनल्ड ट्रम्प का कहना है कि डेमोक्रेट नेता उनके ख़िलाफ़ ज़हरीला प्रचार कर रहा हैं ताकि अपनी हार का तर्क पेश कर सकें।

टीकाकार कहते हैं कि जब आरोपियों की सूची पूरी हो जाएगी और ट्रम्प भी इसके निशाने पर आ जाएंगे तो वाटरगेट कांड की याद ताज़ा हो जाएगी जो वर्ष 1973 में हुआ था जिसमें राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनावी कैंपेन की जासूसी किए जाने का मामला सामने आया था और राष्ट्रपति निकसन को पद छोड़ना पड़ा था। निकसन ने संसद की ओर से बर्ख़ास्तगी का फ़ैसला होने से पहले ही अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।

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