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चिड़िया ने दी राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव को संजीवनी, देखिये चिड़िया का कारनामा

बिहार की राजनीति लालू यादव के बगैर शायद अधूरी है. फिर चाहे लालू खुद मौजूद हों या फिर उनकी चिड़िया यानी ट्विटर कौतूहल मचा दे

 Shiv Kumar Mishra |  7 Jan 2020 1:20 PM GMT  |  बिहार

चिड़िया ने दी राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव को संजीवनी, देखिये चिड़िया का कारनामा

रांची. चारा घोटाला (Fodder Scam) मामले में जेल में बंद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के लिए चिड़िया यानी ट्विटर (Twitter) किसी संजीवनी से कम नहीं है. वो भी ऐसे में जब लालू न तो राजनीति के मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं और न ही खुलेआम कोई बयान ही दे सकते हैं. ऐसे में ट्विटर ही लालू के लिए वरदान साबित होने लगी है.

बिहार की राजनीति का एजेंडा मेकर है लालू की 'चिड़िया'

बिहार की राजनीति लालू यादव के बगैर शायद अधूरी है. फिर चाहे लालू खुद मौजूद हों या फिर उनकी 'चिड़िया' कौतूहल मचा दे. इस बार लालू की चिड़िया ने बिहार की राजनीति में वो हलचल मचाई है कि विरोधियों को इसका जवाब ढूंढना मुश्किल हो रहा है. चूंकि लालू पर चुनाव लड़ने की पाबंदी है. चारा घोटाला मामले में लालू जेल में बंद हैं. बावजूद इसके बिहार की सियासत में हर तरफ लालू ही लालू हैं- सुर्खियों में लालू ..विरोधियों के निशाने पर लालू. सच कहें तो बिहार की राजनीति लालू से शुरू होती है और लालू पर ही जाकर खत्म हो जाती है.

जेल में बंद रहने के बावजूद भी लालू का एक ट्वीट बिहार की सियासत में वो हलचल मचाता है कि विरोधी अगले दो दिनों तक उस ट्वीट का जवाब ढूंढते रहते हैं. हालांकि जेल से लालू की 'चिड़िया' आजकल वो कमाल कर रही है कि विरोधियों के होश उड़ गए हैं. मौका कोई भी हो लालू की 'चिड़िया' हर मौके पर अपना काम कर जाती है. झारखंड चुनाव से लेकर सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर भी लालू ने जो ट्वीट किए हैं वो विपक्ष के लिए अब तक सिरदर्द बने हुए हैं.

लालू में है दम...

राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि लालू में वो माद्दा है कि अकेले दम पर ना सिर्फ वो विरोधियों के पसीने छुड़ा सकते हैं बल्कि अपने सियासी दांवपेंच से सबको मात भी दे सकते हैं. वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी की मानें तो लालू एक जमीनी नेता हैं जिन्हें जनता के दिलों तक पहुंचने का वो हुनर पता है. जो किसी और दूसरे में नहीं. कन्हैया भेलारी ये भी कहते हैं कि लालू यादव जब कोई ट्वीट करते हैं तो बिहार की सियासत में हलचल मच जाती है. ऐसे में अगर लालू 2020 के चुनाव से पहले जेल से बाहर आ जाते हैं जिसकी संभावना भी है तो फिर विरोधियों के लिए लालू बहुत बड़ी चुनौती बन जाएंगे.चिड़िया की ची...ची...अब लालू को है पसंद ...

आज जिस चिड़िया के दम पर लालू अपने सारे विरोधियों पर हावी हो रहे हैं या फिर जो चिड़िया आज जेल में बंद लालू को इतनी सुर्खियां दे रही है, इसी चिड़िया को कभी लालू देखना तक पसंद नहीं करते थे. वह चिड़िया ची ची करके उसे चिढ़ाया भी करते थे.

इसमें कोई दो राय नहीं कि लालू एक कद्दावर नेता हैं जिनके पास राजनीति का वो हर दांव पता है जिससे वो कभी भी विरोधियों पर भारी पड़ जाएं. आज लालू अपनी चिड़िया के बलबूते ना सिर्फ अपने विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं बल्कि समय-समय पर बिहार की सियासत का एजेंडा भी सेट कर रहे हैं.

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