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देवगौड़ा का सिद्धारमैया पर बड़ा आरोप, लगता है हो गया कुमार स्वामी सरकार बंटाधार!

रामलिंगा रेड्डी को साध लिया तो और बागी विधायक भी अपने फैसले को बदल लेंगे. यही कारण है कि कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत अब रामलिंग रेड्डी को मनाने में लगा दी है.

 Special Coverage News |  7 July 2019 11:28 AM GMT  |  दिल्ली

देवगौड़ा का सिद्धारमैया पर बड़ा आरोप, लगता है हो गया कुमार स्वामी सरकार बंटाधार!

कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार पर संकट गहराता जा रहा है. कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के बीच बढ़ती तल्खियों से साफ हो गया है कि कर्नाटक गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. कर्नाटक में बिगड़े राजनीतिक समीकरण को देखते हुए अब पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्युलर (JDS) चीफ एचडी देवगौड़ा ने सिद्धारमैया पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एचडी देवगौड़ा ने आरोप लगाया है कि 'मैं जानता हूं कि कर्नाटक की राजनीतिक उथल पुथल के पीछे सिद्धारमैया का हाथ है. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया था वे सिद्धारमैया के समर्थक हैं.'

जल संसाधन मंत्री और कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार ने रविवार को देवेगौड़ा ने सुबह बैठक की. डीके शिवकुमार ने कथित तौर पर देवगौड़ा से कहा कि कई लोग सिद्धारमैया को फिर से सीएम बनाने की मांग कर रहे हैं. शिवकुमार ने गौड़ा को यह भी बताया कि सिद्धारमैया ही सबको साथ में लेकर सरकार चला सकते हैं.

देवगौड़ा ने पहले भी कहा था कि मैंने कभी नहीं कहा था कि कांग्रेस के साथ गठबंधन हो. मैं हमेशा से यही कहता रहा हूं कि कांग्रेस के नेता हमारे पास आए और कहा कि आपका बेटा मुख्यमंत्री बनेगा, चाहे कुछ भी हो जाए. उस वक्त मैं ये नहीं जानता था कि उनके सभी नेताओं के बीच सहमति थी या नहीं. लोकसभा चुनाव के बाद लगता है कि कांग्रेस ने अपनी ताकत खो दी है और उसके नेता लगातार कर्नाटक सरकार के काम में बाधा पैदा कर रहे हैं.

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के गठबंधन पर संकट गहरा गया है. गठबंधन के 14 विधायक शनिवार को जब विधानसभा स्पीकर के पास इस्तीफा सौंपने पहुंचे तो दोनों ही दलों के नेताओं के बीच तल्खियां साफ देखने को मिलीं. हालांकि कांग्रेस से वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कर्नाटक में सब कुछ ठीक है. कर्नाटक सरकार पर किसी भी तरह का कोई भी खतरा नहीं है. विधायकों के इस्तीफे के बीच जो बात हर किसी को खटकी, वह थी पार्टी के सबसे वरिष्ठ और वफादार माने जाने वाले नेता रामलिंगा रेड्डी का विद्रोहियों से हाथ मिलाना. कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्होंने रामलिंगा रेड्डी को साध लिया तो और बागी विधायक भी अपने फैसले को बदल लेंगे. यही कारण है कि कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत अब रामलिंग रेड्डी को मनाने में लगा दी है.

गौरतलब है कि शनिवार को 14 विधायक विधानसभा स्पीकर से मिलने पहुंचे थे. इन 14 विधायकों में तीन जेडीएस के विधायक है जबकि 11 कांग्रेस के विधायक हैं. रमेश मेश जरखोली, रामलिंग रेड्डी, महेश कुमटल्ली, शिवराम हेब्बार, बीसी पाटिल, मुनिरत्ना, एसटी सोमशेखर, बृजपति बसवराज, सौम्या रेड्डी, प्रताप गौड़ा पाटिल कांग्रेस से हैं और नारायण गौड़ा, गोपालैया और विश्वनाथ. कांग्रेस विधायक आनंद सिंह ने सोमवार को अपना इस्तीफा दे दिया था.

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