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पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा शाम छह बजे लेंगे शपथ, 31 जुलाई से पहले साबित करना होगा बहुमत

क्योकि अगर विधानसभा अध्यक्ष के रमेश कुमार अगर इन सभी विधायकों के खिलाफ कार्यवाही करेंगे तो लगभग बीस विधायक अयोग्य घोषित हो जायेंगे.

 Special Coverage News |  26 July 2019 5:11 AM GMT  |  बेंगलुरु

पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा शाम छह बजे लेंगे शपथ, 31 जुलाई से पहले साबित करना होगा बहुमत

कर्नाटक के राज्यपाल बाजुभाई वाला ने कहा है कि पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा को शाम छह बजे शपथ ग्रहण कराई जायेगी लेकिन उन्हें 31 जुलाई से पहले अपना बहुमत साबित करना होगा. अब देखना है कि आगे कर्नाटक में होगा क्या?

भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. राज्यपाल से मिलकर उन्होंने शाम छह बजे शपथ ग्रहण करने की बात बताई है.

कर्नाटक में मौजूदा एचडी कुमार स्वामी सरकार पिछले दो दिन पहले बहुमत सिद्ध नहीं कर पाई, सरकार को जहाँ 99 वोट मिले जबकि बीजेपी के पक्ष में अर्थात विपक्ष के पक्ष में 105 वोट आये.कुल 224 सदस्सीय विधानसभा में 204 सदस्य उपस्थित रहे. बीस सदस्य इस वोटिंग से गैर हाजिर रहे. विधानसभा अध्यक्ष को निर्दलीय विधायकों समेत 18 विधयाकों ने इस्तीफा सौंप दिया था जबकि कांग्रेस के एक विधायक मुंबई जाकर अपस्ताल में भर्ती हो गये जबकि बसपा मुखिया के निर्देश के बाबजूद भी बसपा विधायक वोटिंग में शामिल हुए.

बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद बताया कि वो आज शाम 6 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. कर्नाटक में मंगलवार को भारी सियासी उठापटक के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी. अब येदियुरप्पा चौथी बार सीएम बन सकते हैं.

बीजेपी के लिए मंत्रिमंडल तैयार करना मुश्किल चुनौती होगी. 34 विधायकों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. इन पदों के लिए बीजेपी में करीब 60 दावेदार हैं. इसके अलावा 10 बागी विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करना होगा. ऐसे में पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज हो सकते हैं.

अब बीजेपी की सरकार एक बार फिर से बनने जा रही है. हालांकि देर रात विधानसभा अध्यक्ष के रमेश कुमार ने तीन विधयाकों को दल बदल कानून के तहत अयोग्य भी घोषित कर दिया है जबकि अभी 15 विधायकों के खिलाफ कार्यवाही होना वाकी है.

मौजूदा हालातों को देखते हुए बीजेपी भी सरकार बनाने में कहीं न कहीं से डर रही है. एक बार पहले भी किरकिरी हो चुकी है. जबकि विपक्ष पहले से हताश हो चूका है. तो देखने वाली बात यह होगी की बीएस येदियुरप्पा कब बहुमत सिद्ध करेंगे और क्या बहुमत सिद्ध कर पायेंगे या नहीं. क्योकि अगर विधानसभा अध्यक्ष के रमेश कुमार अगर इन सभी विधायकों के खिलाफ कार्यवाही करेंगे तो लगभग बीस विधायक अयोग्य घोषित हो जायेंगे.

मिली जानकारी के मुताबिक अगर इन बीस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होता है तो बीजेपी को आठ सीटें जीतना जरूरी है जबकि यह सभी सीटें फिलहाल कुमार स्वामी सरकार के पास है. चूँकि अगर सरकार बनने के बाद चुनाव होता है तो बीजेपी ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत सकती है.

अयोग्य घोषित

गुरुवार को विधानसभा के स्पीकर के.आर. रमेश ने तीन कांग्रेस विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित ठहराते हुए कहा कि ये अगले विधानसभा चुनाव तक यानी साल 2023 से पहले चुनाव नहीं लड़ सकते.

14 महीने चली गठबंधन सरकार

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 14 महीने 116 विधायकों के साथ सरकार चलाई. 1 जुलाई को कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद पिछले 23 दिन से राज्य में सियासी उठापटक का माहौल था. राज्य में कुल 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 18 जुलाई को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय हुई थी. लेकिन बार-बार हंगामे के कारण फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका. फ्लोर टेस्ट में हारने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

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